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मुकेश अंबानी की जियो ने रचा इतिहास, पहले ही दिन एयरटेल और HDFC बैंक को छोड़ा पीछे

Kavita2
28 Oct 2026 1:13 PM IST
मुकेश अंबानी की जियो ने रचा इतिहास, पहले ही दिन एयरटेल और HDFC बैंक को छोड़ा पीछे
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मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की डिजिटल सेवा कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की। कंपनी के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 1,358 रुपये के भाव पर सूचीबद्ध हुए। यह कीमत कंपनी के आईपीओ इश्यू प्राइस 1,119 रुपये के मुकाबले 21.36 प्रतिशत अधिक रही। मजबूत लिस्टिंग के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स ने बाजार पूंजीकरण के मामले में बड़ी उपलब्धि हासिल की और भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बन गई। कंपनी ने भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक जैसी बड़ी कंपनियों को पीछे छोड़ दिया। जियो से आगे केवल उसकी मूल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज रही। शेयर बाजार में इस ऐतिहासिक शुरुआत ने निवेशकों के साथ-साथ उद्योग जगत का भी ध्यान आकर्षित किया है।

1,119 रुपये का शेयर 1,358 रुपये पर हुआ लिस्ट

जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों ने बुधवार सुबह बाजार खुलते ही शानदार प्रदर्शन किया।

कंपनी ने अपने आईपीओ का अंतिम इश्यू प्राइस 1,119 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया था। इसके मुकाबले BSE और NSE पर शेयर 1,358 रुपये के स्तर पर खुले।

इस तरह प्रत्येक शेयर पर 239 रुपये का लिस्टिंग लाभ हुआ।

प्रतिशत के लिहाज से देखें तो निवेशकों को इश्यू प्राइस के मुकाबले 21.36 प्रतिशत का फायदा मिला।

हालांकि, यह लाभ उन निवेशकों के लिए था जिन्हें आईपीओ में शेयर आवंटित हुए थे और जो लिस्टिंग कीमत पर शेयर बेच सकते थे।

लिस्टिंग के बाद बाजार में शेयरों की कीमत लगातार बदल सकती है। इसलिए शुरुआती बढ़त को भविष्य के निश्चित मुनाफे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

मार्केट कैप में भारत की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बनी जियो

जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपनी लिस्टिंग के साथ ही बाजार पूंजीकरण की रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाई।

शुरुआती कारोबार के दौरान BSE पर कंपनी का बाजार मूल्य लगभग 12,50,586 करोड़ रुपये पहुंच गया।

इस उपलब्धि के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स देश की दूसरी सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बन गई।

पहले स्थान पर रिलायंस इंडस्ट्रीज रही, जिसका बाजार पूंजीकरण शुरुआती कारोबार के दौरान लगभग 15.90 लाख करोड़ रुपये था।

जियो ने इस मामले में भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसी कंपनियों को पीछे छोड़ दिया।

यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी ने शेयर बाजार में अपने पहले ही कारोबारी दिन शीर्ष कंपनियों में जगह बना ली।

भारत की पांच सबसे मूल्यवान कंपनियों में बड़ा बदलाव

जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के बाद भारतीय शेयर बाजार की शीर्ष कंपनियों की सूची में बदलाव दिखाई दिया।

शुरुआती कारोबार के समय बाजार पूंजीकरण के आधार पर प्रमुख कंपनियों की स्थिति इस प्रकार रही:

कंपनी बाजार पूंजीकरण

रिलायंस इंडस्ट्रीज ₹15.89 लाख करोड़

जियो प्लेटफॉर्म्स ₹12.50 लाख करोड़

भारती एयरटेल ₹12.05 लाख करोड़

एचडीएफसी बैंक ₹10.42 लाख करोड़

आईसीआईसीआई बैंक ₹9.80 लाख करोड़

ये आंकड़े बुधवार के शुरुआती कारोबार के हैं। शेयर कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ इन कंपनियों की रैंकिंग भी बदल सकती है।

30,213 करोड़ रुपये के IPO को मिला जबरदस्त समर्थन

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ भारतीय पूंजी बाजार के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल रहा।

कंपनी ने आईपीओ के माध्यम से कुल 30,213 करोड़ रुपये जुटाए।

यह आईपीओ 21 अक्टूबर को निवेशकों के लिए खुला था और 23 अक्टूबर को बंद हुआ।

इस दौरान निवेशकों की ओर से जबरदस्त मांग दर्ज की गई।

कंपनी का सार्वजनिक निर्गम कुल 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ।

आईपीओ में 27 करोड़ नए शेयर जारी किए गए थे और इसका प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया था।

पहले ही दिन आईपीओ केवल 100 मिनट के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था।

1.39 करोड़ आवेदन, निवेशकों ने बनाया रिकॉर्ड

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को निवेशकों की ओर से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली।

रिपोर्टों के अनुसार, इस सार्वजनिक निर्गम के लिए लगभग 1.39 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए।

सार्वजनिक निर्गम और एंकर निवेशकों को मिलाकर कुल मांग 7.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही।

यह आंकड़ा दर्शाता है कि कंपनी के शेयर खरीदने में संस्थागत और व्यक्तिगत निवेशकों की व्यापक दिलचस्पी थी।

इतनी बड़ी संख्या में आवेदन मिलने से जियो का आईपीओ भारतीय शेयर बाजार की महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल हो गया।

हालांकि, आईपीओ को मिले अत्यधिक सब्सक्रिप्शन का अर्थ यह नहीं है कि सभी आवेदकों को शेयर मिले हों। आवंटन उपलब्ध शेयरों और निर्धारित नियमों के अनुसार हुआ।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो की 66.4% हिस्सेदारी

जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह का प्रमुख डिजिटल और दूरसंचार कारोबार है।

आईपीओ के समय रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स की लगभग 66.4 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

कंपनी के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के साथ ही निवेशकों को जियो के कारोबार में सीधे निवेश करने का विकल्प मिला।

इससे पहले जियो के कारोबार में व्यापक निवेश का प्रमुख रास्ता मूल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर थे।

लिस्टिंग के बाद जियो की वित्तीय गतिविधियों और कारोबारी प्रदर्शन पर बाजार की निगरानी और बढ़ेगी।

इसके साथ ही कंपनी को शेयरधारकों की अपेक्षाओं और नियामकीय आवश्यकताओं का पालन करना होगा।

53 करोड़ से ज्यादा ग्राहक, डिजिटल बाजार में मजबूत पकड़

जियो प्लेटफॉर्म्स भारत की प्रमुख दूरसंचार और डिजिटल सेवा कंपनियों में शामिल है।

कंपनी के पास 53 करोड़ से अधिक टेलीकॉम ग्राहक हैं।

मोबाइल कनेक्टिविटी के अलावा जियो ब्रॉडबैंड, डिजिटल सेवाओं और तकनीकी समाधान के क्षेत्र में भी कारोबार का विस्तार कर रही है।

कंपनी में मेटा और गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट जैसे अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की भी भागीदारी रही है।

जियो का बड़ा ग्राहक आधार और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में विस्तार इसकी कारोबारी रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।

हालांकि, दूरसंचार क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा, नेटवर्क विस्तार की लागत और नियामकीय बदलाव जैसी चुनौतियां आगे भी बनी रहेंगी।

लिस्टिंग समारोह में मौजूद रहा अंबानी परिवार

मुंबई में आयोजित जियो प्लेटफॉर्म्स के लिस्टिंग समारोह में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनके परिवार के सदस्य मौजूद रहे।

समारोह में जियो के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने भी भाग लिया।

यह अवसर रिलायंस समूह के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि लगभग दो दशक बाद समूह की किसी बड़ी कंपनी की शेयर बाजार में नई लिस्टिंग हुई है।

मुकेश अंबानी पिछले कई वर्षों से रिलायंस के पारंपरिक तेल और पेट्रोकेमिकल कारोबार के साथ डिजिटल तथा उपभोक्ता सेवाओं को भी विस्तार देने पर जोर देते रहे हैं।

जियो की लिस्टिंग को इसी व्यापक कारोबारी रणनीति का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

रिलायंस और जियो का संयुक्त मूल्यांकन 28 लाख करोड़ के पार

जियो की शानदार शुरुआत से रिलायंस समूह के बाजार मूल्यांकन को भी नई पहचान मिली।

बुधवार के शुरुआती कारोबार में रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो प्लेटफॉर्म्स का संयुक्त बाजार पूंजीकरण लगभग 28.40 लाख करोड़ रुपये रहा।

हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के मूल्यांकन में उसकी जियो हिस्सेदारी का आर्थिक मूल्य पहले से शामिल होता है। इसलिए दोनों कंपनियों के बाजार पूंजीकरण को सीधे जोड़ना समूह का स्वतंत्र या दोहराव-रहित आर्थिक मूल्य नहीं दर्शाता।

फिर भी जियो का स्वतंत्र रूप से सूचीबद्ध होना भारतीय शेयर बाजार और रिलायंस समूह की कारोबारी संरचना के लिहाज से महत्वपूर्ण घटना है।

आगे कैसा रहेगा जियो के शेयरों का प्रदर्शन?

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स के भविष्य के प्रदर्शन में डिजिटल सेवाओं का विस्तार, ग्राहक संख्या, प्रति ग्राहक औसत आय और कंपनी की मुनाफा कमाने की क्षमता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

दूरसंचार क्षेत्र में भारती एयरटेल जैसी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा भी बनी रहेगी।

इसके अतिरिक्त 5G नेटवर्क और नई डिजिटल तकनीकों में निवेश के लिए कंपनी को लगातार पूंजी खर्च करनी पड़ सकती है।

लिस्टिंग के दिन मिली मजबूत प्रतिक्रिया निवेशकों के उत्साह को दर्शाती है, लेकिन आने वाले दिनों में शेयर का प्रदर्शन कंपनी के वित्तीय नतीजों और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

कुल मिलाकर, जियो प्लेटफॉर्म्स ने 21.36 प्रतिशत प्रीमियम पर लिस्ट होकर भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बनने की उपलब्धि हासिल की है।

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