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चीनी के बढ़ते दामों पर ब्रेक की तैयारी बाजार में पर्याप्त स्टॉक होने का दावा

Ratna Netam
24 Aug 2026 7:55 PM IST
चीनी के बढ़ते दामों पर ब्रेक की तैयारी बाजार में पर्याप्त स्टॉक होने का दावा
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नई दिल्ली। देश में बढ़ती चीनी की कीमतों के बीच आम लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय चीनी मिल संघ (ISMA) ने कहा है कि भारत में चीनी की कोई कमी नहीं है और आने वाले दिनों में बाजार में कीमतों में नरमी देखने को मिल सकती है। संगठन का कहना है कि हालिया समय में चीनी के दाम बढ़ने के पीछे सप्लाई की कमी से ज्यादा बाजार की धारणा और कुछ अन्य कारण जिम्मेदार हैं।
चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी थी। चाय, मिठाई, बेकरी उत्पाद और अन्य खाद्य पदार्थों की लागत पर इसका सीधा असर देखने को मिला। लेकिन अब ISMA के बयान के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में चीनी के दाम नियंत्रित हो सकते हैं।
चीनी की कमी नहीं, पर्याप्त स्टॉक मौजूद
ISMA के अध्यक्ष नीरज शिरगांवकर ने कहा कि देश में चीनी की उपलब्धता को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में स्टॉक मौजूद है। संगठन के अनुसार, सितंबर के अंत तक देश में करीब 35 लाख टन चीनी का क्लोजिंग स्टॉक रहने का अनुमान है।
उन्होंने कहा कि चीनी मिलों ने जानबूझकर कीमतें नहीं बढ़ाई हैं। बाजार में तेजी के पीछे कारोबारियों और थोक खरीदारों की ओर से अनुमान के आधार पर की गई अधिक खरीदारी भी एक बड़ा कारण रही है। इसके अलावा खराब मौसम के कारण उत्पादन प्रभावित होने की आशंका ने भी कीमतों पर दबाव बनाया।
चीनी के दाम बढ़ने की असली वजह क्या है?
चीनी की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। सबसे बड़ा कारण गन्ने के उत्पादन में आई कमी और मौसम से जुड़ी समस्याएं हैं। कुछ क्षेत्रों में फसल प्रभावित होने के कारण उत्पादन को लेकर बाजार में चिंता बढ़ी।
इसके अलावा त्योहारों के सीजन को देखते हुए मांग बढ़ने की संभावना ने भी व्यापारियों को ज्यादा स्टॉक रखने के लिए प्रेरित किया। इससे बाजार में अस्थायी दबाव बना और कीमतों में तेजी आई।
ISMA का कहना है कि बाजार में घबराहट के कारण कई लोगों ने जरूरत से ज्यादा खरीदारी की, जिससे कीमतों पर असर पड़ा। संगठन ने लोगों से अफवाहों के आधार पर ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने से बचने की अपील की है।
सरकार के आयात फैसले से मिलेगी राहत
चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी है। ISMA के मुताबिक, इससे बाजार में आपूर्ति बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम होगा।
आयातित चीनी के आने से घरेलू बाजार में उपलब्धता बेहतर होगी। इससे थोक और खुदरा दोनों स्तरों पर कीमतों में राहत मिलने की संभावना है।
अक्टूबर से शुरू होगा नया उत्पादन सीजन
ISMA के अनुसार, चीनी मिलों का नया पेराई सीजन करीब 15 अक्टूबर से शुरू होने की उम्मीद है। अक्टूबर महीने में ही मिलों से करीब 10 से 12 लाख टन चीनी उत्पादन होने का अनुमान लगाया गया है।
नए सीजन की शुरुआत के साथ बाजार में चीनी की आपूर्ति बढ़ेगी। इससे आने वाले महीनों में कीमतों में स्थिरता आने की संभावना है।
एथेनॉल को लेकर भी उठे सवाल
चीनी की कीमतों में तेजी के बीच एथेनॉल उत्पादन को लेकर भी चर्चा तेज हुई है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि गन्ने का एक हिस्सा एथेनॉल बनाने में जाने से चीनी उत्पादन पर असर पड़ा है। हालांकि, ISMA और अन्य उद्योग संगठनों ने कहा है कि केवल एथेनॉल को कीमत बढ़ने की वजह नहीं माना जा सकता।
चीनी उद्योग का कहना है कि उत्पादन, मौसम, बाजार की मांग और खरीदारी के व्यवहार जैसे कई कारण मिलकर कीमतों को प्रभावित करते हैं।
आम जनता को कब मिलेगी राहत?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आयातित चीनी की उपलब्धता बढ़ती है और नया उत्पादन समय पर शुरू होता है तो आने वाले हफ्तों में कीमतों में कमी आ सकती है।
हालांकि, कीमतों में गिरावट कितनी होगी यह कई बातों पर निर्भर करेगा। इसमें घरेलू उत्पादन, मांग, त्योहारी सीजन की खपत और बाजार में उपलब्ध स्टॉक की स्थिति शामिल है।
सरकार और उद्योग की नजर बाजार पर
चीनी की कीमतों को लेकर सरकार और चीनी उद्योग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सरकार का प्रयास है कि त्योहारों के दौरान आम लोगों को महंगी चीनी का सामना न करना पड़े और बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनी रहे।
ISMA ने भी भरोसा दिलाया है कि देश में चीनी की कोई वास्तविक कमी नहीं है। संगठन के अनुसार, आने वाले समय में बाजार में स्थिरता लौट सकती है और उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।
कुल मिलाकर, चीनी की मौजूदा तेजी को लेकर चिंता जरूर बढ़ी थी, लेकिन उद्योग संगठन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है। स्टॉक की उपलब्धता, आयात और नए सीजन के उत्पादन से आने वाले समय में चीनी के दाम नीचे आने की उम्मीद है।
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