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इस महीने में कमजोर पड़ा मानसून, जाने क्या रहेगा अब फसलों का हाल

Harrison
17 Aug 2023 7:25 AM GMT
इस महीने में कमजोर पड़ा मानसून, जाने क्या रहेगा अब फसलों का हाल
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नई दिल्ली | देश के कई राज्यों में भारी बारिश के कारण साग-सब्जियों के दाम बढ़ने से महंगाई चरम पर है. ऐसे में अगस्त महीने में सामान्य से कम बारिश होने से महंगाई और बढ़ने की आशंका बढ़ती जा रही है. अगस्त के पहले 15 दिनों में सामान्य से 5 फीसदी कम बारिश हुई है. देश के 717 जिलों में से 36 फीसदी यानी 263 जिलों में 20 फीसदी से कम बारिश हुई है.
अगस्त के पहले 15 दिनों में कमजोर मॉनसून का असर पूरे देश में देखने को मिल रहा है. जबकि जुलाई में सामान्य से 13 फीसदी अधिक बारिश हुई. हालांकि, मौसम विभाग को उम्मीद है कि 18 जुलाई के बाद मानसून फिर से रफ्तार पकड़ सकता है. सबसे कम बारिश पूर्वी भारत के राज्यों बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में देखी गई है.
कमजोर मॉनसून महंगाई की चिंता बढ़ा रहा है. ख़रीफ़ फ़सलों, विशेषकर चावल, दलहन और तिलहन का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। इसी तरह हाल के दिनों में चावल की कीमतों में भी उछाल आया है. वहीं कमजोर मॉनसून के कारण चावल की पैदावार प्रभावित होने से कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। सोयाबीन की पैदावार पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है क्योंकि इसकी खेती के लिए सबसे ज्यादा पानी की जरूरत होती है. दालों की बुआई मानसून आने के बाद तब की जाती है जब खेत में पानी अधिक हो।
कई शोध रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल अल नीनो के प्रभाव से सूखे जैसे हालात पैदा हो सकते हैं, जिससे खाद्यान्न उत्पादन में कमी आ सकती है. कमजोर मॉनसून के बाद अल नीनो की आशंका सच साबित होती दिख रही है. ऐसे में आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ता जा रहा है. जुलाई महीने के लिए घोषित खुदरा महंगाई के आंकड़ों में जहां सीबीआई महंगाई दर 7.44 फीसदी रही है, वहीं खाद्य महंगाई दर दोहरे अंक में 11.51 फीसदी पर पहुंच गई है.
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