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भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए Modi government's की नई रणनीति

Ratna Netam
30 Jun 2026 3:02 PM IST
भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए Modi governments की नई रणनीति
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योजना पर काम कर रही है

Business बिजनेस : ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया में बने तनावपूर्ण हालात के बीच भारत सरकार ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी के लिए बड़े पैमाने पर स्ट्रेटजिक रिजर्व क्षमता विकसित करने की योजना पर काम कर रही है, ताकि भविष्य में किसी भी सप्लाई संकट से देश को बचाया जा सके।रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रस्तावित योजना के तहत ऐसा स्टोरेज सिस्टम तैयार किया जाएगा, जो देश की लगभग एक महीने की घरेलू ऊर्जा मांग को पूरा करने में सक्षम होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य फारस की खाड़ी और मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण उत्पन्न होने वाले संभावित ऊर्जा संकट से निपटना है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस का आयात करता है, ऐसे में वैश्विक अस्थिरता का सीधा असर देश की आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ता है।

सूत्रों के अनुसार, पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस योजना पर काम शुरू करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। यह समिति संभावित स्टोरेज लोकेशन, ऑपरेटिंग मॉडल और ओवरग्राउंड तथा अंडरग्राउंड स्टोरेज सिस्टम के बीच विभाजन जैसे तकनीकी पहलुओं का अध्ययन करेगी। हालांकि यह चर्चा अभी प्रारंभिक चरण में है और इसे सार्वजनिक नहीं किया गया है, इसलिए संबंधित अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर जानकारी साझा की है।इस योजना का उद्देश्य देश को आपातकालीन स्थितियों में ऊर्जा आपूर्ति के लिए अधिक आत्मनिर्भर बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्ट्रेटजिक रिजर्व तैयार हो जाता है तो अंतरराष्ट्रीय संकट के दौरान भी पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा।

हाल के वर्षों में वैश्विक स्तर पर ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति बाधाओं ने कई देशों को रणनीतिक भंडारण बढ़ाने के लिए मजबूर किया है। भारत भी अब इसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है ताकि किसी भी भू-राजनीतिक संकट के दौरान घरेलू बाजार पर दबाव कम किया जा सके।फिलहाल पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस विषय पर ब्लूमबर्ग के सवालों का कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस योजना पर तेजी से काम आगे बढ़ सकता है।

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