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Meta ने मजबूत किए चाइल्ड सेफ्टी फीचर्स साइबरक्राइम पोर्टल से सीधा कनेक्शन

nidhi
15 Sept 2026 2:21 PM IST
Meta ने मजबूत किए चाइल्ड सेफ्टी फीचर्स साइबरक्राइम पोर्टल से सीधा कनेक्शन
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Meta का नया सेफ्टी प्लान
टेक डेस्क: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में Meta ने नए कदम उठाने की जानकारी दी है। कंपनी बच्चों से जुड़े गंभीर ऑनलाइन सुरक्षा मामलों की रिपोर्टिंग प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर काम कर रही है। इसके तहत संबंधित मामलों की जानकारी भारत के Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) से जुड़े साइबरक्राइम सिस्टम तक सीधे पहुंचाने की व्यवस्था किए जाने की बात सामने आई है।
इस पहल का उद्देश्य बच्चों से संबंधित ऑनलाइन अपराध या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी संबंधित भारतीय एजेंसियों तक तेजी से पहुंचाना है। इससे शिकायत पर समय रहते कार्रवाई करने और जरूरत पड़ने पर संबंधित अकाउंट या डिजिटल गतिविधि की जांच में मदद मिल सकती है।
I4C तक पहुंचेगी जानकारी
I4C केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत साइबर अपराध से निपटने के लिए काम करने वाली व्यवस्था का हिस्सा है। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से नागरिक भी ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और महिलाओं व बच्चों से जुड़े साइबर अपराध सहित विभिन्न मामलों की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
Meta की नई व्यवस्था में किन श्रेणियों के मामलों की सीधे रिपोर्टिंग होगी, कौन-सी जानकारी साझा की जाएगी और प्रक्रिया किन कानूनी प्रावधानों के तहत संचालित होगी, इन बिंदुओं की आधिकारिक विवरण से पुष्टि जरूरी है।
बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा बड़ी चुनौती
Instagram और Facebook जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किशोरों की मौजूदगी के कारण ऑनलाइन सुरक्षा महत्वपूर्ण मुद्दा बन गई है। अनजान लोगों से संपर्क, आपत्तिजनक सामग्री, ऑनलाइन उत्पीड़न, यौन शोषण से जुड़ी सामग्री और संदिग्ध संदेश जैसे जोखिमों को रोकने के लिए प्लेटफॉर्म लगातार सुरक्षा सुविधाओं में बदलाव कर रहे हैं।
Meta पहले भी किशोरों के अकाउंट के लिए प्राइवेसी और मैसेजिंग से जुड़े कई प्रतिबंध पेश कर चुका है। बच्चों को अनचाहे संपर्क और संवेदनशील सामग्री से बचाने के लिए कुछ सेटिंग्स को उम्र के आधार पर सीमित करने जैसे कदम भी उठाए गए हैं।
माता-पिता की भूमिका भी महत्वपूर्ण
तकनीकी सुरक्षा उपायों के साथ अभिभावकों की डिजिटल जागरूकता भी जरूरी है। बच्चों से ऑनलाइन अनुभवों के बारे में बातचीत करना, प्राइवेसी सेटिंग्स की जानकारी देना और संदिग्ध लिंक या अनजान व्यक्ति के संदेश पर प्रतिक्रिया न देने की सीख जोखिम कम करने में मदद कर सकती है।
अगर किसी बच्चे को ऑनलाइन धमकी, ब्लैकमेल या यौन शोषण जैसी गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ता है तो उससे जुड़े स्क्रीनशॉट, यूजरनेम और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है। ऐसे मामलों की शिकायत आधिकारिक साइबर अपराध माध्यम से की जानी चाहिए।
Meta और I4C के बीच रिपोर्टिंग व्यवस्था का पूरा प्रभाव इसके क्रियान्वयन के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल यह पहल सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा और गंभीर मामलों की तेजी से रिपोर्टिंग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।
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