
ओकलैंड, कैलिफोर्निया। सोशल मीडिया कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स ने किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर अमेरिका में एक बड़ा समझौता किया है। कंपनी अगले दस वर्षों में करीब 18 अरब डॉलर तक का भुगतान करने और किशोरों के फेसबुक व इंस्टाग्राम इस्तेमाल को लेकर कई सख्त नियम लागू करने पर सहमत हुई है।
यह समझौता अमेरिका के लगभग सभी राज्यों के साथ किया गया है। इसका उद्देश्य उन आरोपों को निपटाना है, जिनमें दावा किया गया था कि मेटा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इस तरह डिजाइन किया, जिससे किशोर उपयोगकर्ता लंबे समय तक इनसे जुड़े रहें और उन्हें संभावित नुकसान पहुंचा।
बुधवार को घोषित किए गए इन समझौतों के बाद मेटा के खिलाफ चल रही संघीय स्तर की कानूनी प्रक्रिया का एक बड़ा अध्याय समाप्त हो गया। इस मामले में आरोप लगाया गया था कि कंपनी के उत्पादों से बच्चों और किशोरों को नुकसान पहुंचा तथा कंपनी ने प्लेटफॉर्म की सुरक्षा को लेकर जनता को पूरी जानकारी नहीं दी।
मेटा के खिलाफ यह मामला लंबे समय से चल रहा था। अमेरिकी राज्यों ने आरोप लगाया था कि फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स को इस तरह विकसित किया गया कि वे किशोरों का ध्यान अधिक समय तक बनाए रखें। इसके चलते युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ीं।
समझौते के तहत मेटा को किशोर उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षा उपायों को और मजबूत करना होगा। कंपनी को प्लेटफॉर्म डिजाइन, कंटेंट नियंत्रण और उम्र से जुड़े सुरक्षा उपायों में बदलाव करने होंगे, ताकि कम उम्र के उपयोगकर्ताओं को संभावित जोखिमों से बचाया जा सके।
इस मामले में चार राज्यों — कैलिफोर्निया, कोलोराडो, केंटकी और न्यू जर्सी — की भूमिका महत्वपूर्ण रही। इन राज्यों ने मेटा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में प्रमुख भूमिका निभाई थी। इसके अलावा कई अन्य राज्यों ने भी कंपनी पर सवाल उठाए थे।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों और किशोरों के लिए सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराएं। उनका आरोप था कि मेटा ने अपने प्लेटफॉर्म्स की कमियों को पूरी तरह उजागर नहीं किया।
समझौते के बाद मेटा को अपने प्लेटफॉर्म्स पर किशोरों के अनुभव को बदलने के लिए कदम उठाने होंगे। इसमें अभिभावकों के नियंत्रण, उम्र सत्यापन, संवेदनशील सामग्री तक पहुंच और उपयोग के समय से जुड़े उपाय शामिल हो सकते हैं।
कंपनी पर लगाए गए आरोपों में यह भी कहा गया था कि सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल का असर किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। विशेष रूप से कम उम्र के उपयोगकर्ताओं में चिंता, तनाव और आत्म-छवि से जुड़े मुद्दों को लेकर चिंता जताई गई थी।
हालांकि, मेटा ने पहले भी कहा है कि वह युवाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है और उसने फेसबुक व इंस्टाग्राम पर कई सुरक्षा फीचर पहले से लागू किए हैं। कंपनी का कहना है कि वह विशेषज्ञों, अभिभावकों और नीति निर्माताओं के साथ मिलकर बेहतर ऑनलाइन अनुभव तैयार करने के लिए काम कर रही है।
यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका समेत कई देशों में सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी को लेकर बहस तेज है। सरकारें और नियामक संस्थाएं यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि डिजिटल प्लेटफॉर्म बच्चों और युवाओं के लिए सुरक्षित रहें।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता सोशल मीडिया उद्योग के लिए एक बड़ा संकेत है। आने वाले समय में अन्य कंपनियों पर भी किशोरों की सुरक्षा को लेकर अधिक जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
मेटा के लिए यह समझौता आर्थिक और नीतिगत दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण है। कंपनी को जहां भारी राशि का भुगतान करना होगा, वहीं प्लेटफॉर्म की नीतियों और डिजाइन में भी बदलाव करने होंगे।
फिलहाल अमेरिका में सोशल मीडिया और बच्चों की सुरक्षा को लेकर यह सबसे बड़े मामलों में से एक माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि मेटा इन नए नियमों को किस तरह लागू करता है और इससे किशोर उपयोगकर्ताओं के अनुभव में कितना बदलाव आता है।





