
मुंबई : भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार 24 जुलाई को शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, वैश्विक बाजारों में कमजोरी और मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण घरेलू बाजार पर दबाव बना रहा। लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 76,000 के स्तर से नीचे पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 23,700 के स्तर से नीचे फिसल गया। हालांकि, दिन बढ़ने के साथ बाजार में रिकवरी देखने को मिली और सेंसेक्स ने निचले स्तरों से बड़ी वापसी की।
शुक्रवार सुबह 9:15 बजे कारोबार शुरू होते ही बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स गिरावट के साथ खुला। कुछ ही मिनटों में सेंसेक्स 76,000 के नीचे आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 इंडेक्स भी 23,700 के स्तर से नीचे पहुंच गया। शुरुआती गिरावट के कारण निवेशकों की संपत्ति में बड़ा नुकसान देखने को मिला। बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक घट गया।
गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार सुबह बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैप घटकर 4,73,39,533.09 करोड़ रुपये रह गया। एक दिन पहले यह आंकड़ा 4,76,73,200.77 करोड़ रुपये था। इस तरह शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा।
बाजार में गिरावट की मुख्य वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को माना जा रहा है। मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई हैं। महंगे कच्चे तेल से भारत जैसे आयात निर्भर देश पर दबाव बढ़ता है, जिससे महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने की चिंता बनी रहती है। इसी वजह से निवेशकों का रुझान कमजोर हुआ और बाजार में बिकवाली देखने को मिली।
वैश्विक बाजारों की बात करें तो अमेरिकी शेयर बाजार भी गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी के कारण नैस्डैक इंडेक्स 2 प्रतिशत से अधिक गिर गया। वहीं, डाउ जोंस करीब 1 प्रतिशत और एसएंडपी 500 इंडेक्स 1.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। इसका असर शुक्रवार को एशियाई बाजारों पर भी देखने को मिला।
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स करीब 2.85 प्रतिशत गिर गया, जबकि टॉपिक्स इंडेक्स में 1.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.91 प्रतिशत और कोस्डैक 2.64 प्रतिशत फिसल गया। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने भी कमजोर शुरुआत के संकेत दिए थे।
इससे पहले गुरुवार को भी भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स 363 अंक टूटकर 76,391 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 126 अंक की गिरावट के साथ 23,869 पर पहुंच गया था।
हालांकि, शुक्रवार दोपहर 12:30 बजे तक बाजार में सुधार देखने को मिला। सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से करीब 642 अंक की रिकवरी कर चुका था। इस समय सेंसेक्स 274 अंक की गिरावट के साथ 76,116 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। बाजार में कुछ बड़े शेयरों में खरीदारी से सुधार आया। ट्रेंट करीब 1.11 प्रतिशत की तेजी के साथ टॉप गेनर में शामिल रहा। इसके अलावा एचसीएल टेक, आईटीसी, मारुति, कोटक बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एक्सिस बैंक जैसे प्रमुख शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक बाजारों का रुख और भू-राजनीतिक घटनाक्रम भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।





