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पायल-बिछुओं की बढ़ी खरीदारी
अलीगढ़: सोने और चांदी की कीमतें पिछले ऊंचे स्तरों से नीचे आने के बीच अलीगढ़ के सराफा बाजारों में त्योहारी खरीदारी बढ़ी है। करवा चौथ के लिए महिलाएं पायल, बिछुए और दूसरे आभूषण पसंद कर रही हैं। नवविवाहिताएं सोने तथा हीरे जड़ित गहनों की खरीदारी के लिए पहुंच रही हैं। स्थानीय बाजार की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार, 25 अक्टूबर को 24 कैरेट सोने का भाव लगभग 1.44 लाख रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी का भाव 2.02 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रहा। ये उस दिन के स्थानीय संदर्भ भाव हैं; आभूषणों की अंतिम कीमत अलग हो सकती है।
सराफा बाजार, रेलवे रोड, समद रोड, मैरिस रोड और रामघाट रोड सहित विभिन्न क्षेत्रों में खरीदारी की गतिविधियां दिखाई दीं। स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, कीमतों में नरमी आने से कुछ ग्राहक पहले की तुलना में अधिक वजन के आभूषण पसंद कर रहे हैं। करवा चौथ के साथ दीपावली की तैयारी के लिए भी खरीदारी हो रही है। ग्राहक अपने बजट और जरूरत के अनुसार गहनों का चयन कर रहे हैं।
महीने के शुरुआती स्तर से नीचे आए सोने के भाव
कीमतों में गिरावट का आकलन करते समय तुलना की अवधि महत्वपूर्ण है। अलीगढ़ की एक अन्य दर-सूची के अनुसार, एक अक्टूबर को 24 कैरेट सोने का भाव 1,49,580 रुपये प्रति दस ग्राम था, जबकि 25 अक्टूबर को यह 1,42,730 रुपये दर्ज किया गया। इस सूची में महीने की शुरुआत के मुकाबले 6,850 रुपये की कमी दिखाई गई है। इसी दर-सूची में 24 अक्टूबर के मुकाबले 25 अक्टूबर को 110 रुपये की मामूली बढ़त भी दर्ज है। इसका अर्थ है कि महीने के शुरुआती स्तर से कीमत नीचे होने के बावजूद हर दिन गिरावट होना जरूरी नहीं है। स्थानीय सराफा बाजार और दूसरी दर-सूचियों में अंतर भी मौजूद है। इसलिए किसी पुराने या सामान्य संदर्भ भाव को खरीदारी के समय का अंतिम मूल्य मानना उचित नहीं होगा।
चांदी के सामान में मिल रहे अलग-अलग विकल्प
अलीगढ़ में त्योहारी खरीदारी केवल आभूषणों तक सीमित नहीं है। इससे पहले सामने आई बाजार रिपोर्ट में चांदी के सिक्कों, बर्तनों और देवी-देवताओं की मूर्तियों में ग्राहकों की रुचि बताई गई थी। उपहार और पूजन के लिए पारंपरिक तथा अलग-अलग डिजाइन के उत्पाद उपलब्ध हैं। गोल्ड पॉलिश और एंटिक पॉलिश वाली चांदी की मूर्तियां भी बाजार में आकर्षण का हिस्सा हैं। खोखली और ठोस चांदी की मूर्तियों के विकल्प होने से ग्राहक आकार, वजन और बजट के आधार पर चयन कर सकते हैं। एक जैसे आकार की दो वस्तुओं की कीमत अलग हो सकती है, क्योंकि उनमें इस्तेमाल हुई धातु की मात्रा और निर्माण का तरीका अलग होता है। खरीदारी से पहले इन बातों को समझ लेने से उत्पादों की तुलना अधिक स्पष्ट तरीके से की जा सकती है।
गहने चुनते समय कुल कीमत समझना जरूरी
त्योहार पर खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए केवल सोने या चांदी का भाव देखना पर्याप्त नहीं है। गहने की कुल कीमत पूछते समय धातु का वजन, उसकी शुद्धता, बनवाई और लागू करों का विवरण अलग-अलग समझना चाहिए। पत्थर या दूसरी सजावट लगे आभूषण में यह भी पूछें कि धातु का वास्तविक वजन कितना है और बाकी हिस्सों का मूल्य कैसे जोड़ा गया है। समान दिखने वाले दो हारों में धातु का वजन या बनावट अलग होने से कीमत बदल सकती है। इसलिए तुलना करते समय एक ही शुद्धता और लगभग समान वजन वाले उत्पाद देखें। दुकानदार से लिखित मूल्य विवरण मांगना उपयोगी है। इससे तय बजट के भीतर चयन करने और भुगतान से पहले किसी अस्पष्ट शुल्क के बारे में जानकारी लेने में आसानी होगी।
पहले तय करें जरूरत और बजट
करवा चौथ पर अपने लिए आभूषण खरीदना हो या उपहार देना हो, बाजार जाने से पहले खर्च की सीमा तय करना मददगार रहता है। पायल, बिछुए, अंगूठी या हार में प्राथमिकता स्पष्ट होने से अनावश्यक खरीदारी से बचा जा सकता है। किसी डिजाइन को पसंद करने के बाद उसका वजन और कुल मूल्य लिखवा लें, फिर दूसरे विकल्प से तुलना करें। यदि पुराना आभूषण देकर नया खरीद रहे हैं तो पुराने सामान का वजन, जांच के बाद मानी गई शुद्धता और बदले में मिलने वाली रकम स्पष्ट कराएं। नए आभूषण की बनवाई तथा अन्य शुल्क भी अलग समझें। केवल कीमत घटने की सूचना के आधार पर जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय अपनी जरूरत के अनुरूप खरीदारी करें।
बिल और उत्पाद का विवरण संभालकर रखें
भुगतान से पहले बिल में खरीदे गए सामान का विवरण जांच लें। वजन, शुद्धता, मूल्य और अन्य शुल्कों की जानकारी स्पष्ट होनी चाहिए। वापसी, बदलाव या भविष्य में उसी दुकान पर बेचने की शर्तें भी पहले पूछ लें। उपहार के लिए खरीदे गए आभूषण में आकार बदलने की सुविधा उपयोगी हो सकती है। अलीगढ़ के बाजारों में फिलहाल त्योहारी मांग और कीमतों में आई नरमी से खरीदारी को सहारा मिला है। स्थानीय रिपोर्ट में ग्राहकों ने करवा चौथ के आभूषणों के साथ दीपावली के पूजन के लिए चांदी के बर्तन खरीदने की बात भी बताई है। खरीदारी के दिन का भाव और अंतिम बिल समझकर ग्राहक अपने बजट के अनुसार बेहतर चयन कर सकते हैं।
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