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अप्रैल में मैन्युफैक्चरिंग PMI बढ़ा, लेकिन ग्रोथ रही धीमी

Kavita2
4 May 2026 5:25 PM IST
अप्रैल में मैन्युफैक्चरिंग PMI बढ़ा, लेकिन ग्रोथ रही धीमी
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Business बिजनेस: अप्रैल महीने में भारत की मैन्युफैक्चरिंग गतिविधि में पिछले महीने की तुलना में सुधार दर्ज किया गया है। नए ऑर्डर में बढ़ोतरी और उत्पादन में वृद्धि के चलते सेक्टर की स्थिति बेहतर हुई है, लेकिन इसके बावजूद ग्रोथ की रफ्तार पिछले चार वर्षों में सबसे धीमी मानी जा रही है।

ताजा आंकड़ों के अनुसार भारत का मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) मार्च में 53.9 था, जो अप्रैल में बढ़कर 54.7 पर पहुंच गया। PMI में यह बढ़ोतरी संकेत देती है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में विस्तार जारी है और मांग में सुधार देखा गया है।

PMI का 50 से ऊपर होना सेक्टर में विस्तार (expansion) को दर्शाता है, जबकि 50 से नीचे का आंकड़ा संकुचन (contraction) को दिखाता है। इस लिहाज से अप्रैल का आंकड़ा सकारात्मक माना जा रहा है क्योंकि यह लगातार विस्तार की स्थिति को दर्शाता है।

हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार यह सुधार अपेक्षाकृत धीमा है। अप्रैल का PMI आंकड़ा पिछले लगभग चार वर्षों में दूसरा सबसे कमजोर विस्तार दर्शाता है, जो यह संकेत देता है कि सेक्टर में तेजी की रफ्तार अभी सीमित है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस सुधार के पीछे मुख्य कारण नए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ऑर्डरों में बढ़ोतरी है, जिससे उत्पादन स्तर में सुधार हुआ। कई कंपनियों ने उत्पादन बढ़ाने के लिए गतिविधियां तेज कीं, जिससे कुल आउटपुट में भी वृद्धि देखने को मिली।

इसके बावजूद, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, मांग में अस्थिरता और इनपुट कॉस्ट में उतार-चढ़ाव जैसे कारक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की रफ्तार को सीमित कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बाहरी बाजारों की स्थिति और घरेलू खपत की स्थिरता आने वाले महीनों में इस सेक्टर की दिशा तय करेगी।

रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि कंपनियां अभी भी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और बड़े स्तर पर विस्तार की बजाय संतुलित उत्पादन पर ध्यान दे रही हैं।

कुल मिलाकर, अप्रैल का PMI आंकड़ा यह दिखाता है कि भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर विस्तार की स्थिति में तो है, लेकिन ग्रोथ की गति अभी भी धीमी बनी हुई है, और इसे मजबूत करने के लिए लगातार मांग और निवेश में सुधार की जरूरत है।

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