
Mangaluru मंगलुरु : कर्नाटक का मंगलुरु शहर आईटी और वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) के लिए तेजी से उभरते शहरों में शामिल हो गया है। उद्योग जगत के विशेषज्ञ मानते हैं कि बेंगलुरु के बाहर निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए माहौल तैयार करना शुरुआती भूमिका निभाता है, लेकिन शहर में निवेश का असली श्रेय निजी कंपनियों को जाता है, जिन्होंने किसी ठोस सरकारी समर्थन के बिना भरोसा जताया और शहर में आईटी फर्मों की स्थापना की।
रोहित भट, मंगलुरु स्थित Wrkwrk के संस्थापक और क्षेत्रीय उद्यमी, ने बताया कि निजी कंपनियों की पहल ने शहर को आईटी निवेश के लिए आकर्षक बनाया। भट ने कहा, “अगर सरकार वास्तव में क्षेत्रीय प्रौद्योगिकी केंद्रों को मजबूत वैकल्पिक गंतव्यों में विकसित करने की योजना बना रही है, तो उसे और गंभीर प्रयास करने होंगे। केवल सरकारी योजनाओं या घोषणाओं से काम नहीं चलेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए निरंतर प्रयास की आवश्यकता है, जिसमें बड़ी कंपनियों को उनके परिचालन के क्षेत्रों में विविधता लाने के लिए प्रोत्साहित करना शामिल है। भट के अनुसार, निजी खिलाड़ी इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं, जैसे आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर और सह-कार्यस्थलों (co-working spaces) का निर्माण करना। इससे नए उद्यमियों और स्टार्टअप्स को शहर में आने के लिए प्रेरित किया जा सकता है और स्थानीय प्रतिभाओं के लिए अवसर बढ़ेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि मंगलुरु की भौगोलिक स्थिति, बेहतर कनेक्टिविटी और शिक्षा संस्थानों की उपलब्धता इसे आईटी और जीसीसी निवेश के लिए अनुकूल बनाती है। शहर में तकनीकी प्रतिभाओं की संख्या बढ़ रही है और इसके साथ ही कई मल्टीनेशनल कंपनियों ने यहां कार्यालय स्थापित करने की योजना बनाई है।
भट ने कहा, “सरकार की भूमिका केवल नियम और प्रोत्साहन देने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उसे ऐसी नीतियां बनानी होंगी जो बड़े निवेशकों और स्टार्टअप्स दोनों को सुविधा दें। इसके लिए सह-कार्यस्थलों और इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, तकनीकी प्रशिक्षण और स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना आवश्यक है।”
आईटी और जीसीसी निवेश के लिए बेंगलुरु के बाहर शहरों का विकल्प तलाशना कंपनियों के लिए जोखिम भरा हो सकता है, लेकिन निजी निवेशक और स्थानीय उद्यमियों का भरोसा और पहल इसे संभव बना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सही नीतियां लागू हों और निजी कंपनियों के सहयोग को बढ़ावा दिया जाए, तो मंगलुरु आने वाले वर्षों में कर्नाटक का एक और तकनीकी हब बन सकता है।
निजी कंपनियों के इस भरोसे के कारण ही मंगलुरु ने बेंगलुरु के बाहर निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। भट ने कहा कि आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण और सह-कार्यस्थलों की उपलब्धता स्थानीय प्रतिभाओं को भी शहर में रोकने में मदद करेगी।
मंगलुरु के उद्यमियों और उद्योग जगत का मानना है कि यदि सरकार और निजी कंपनियां मिलकर काम करें, तो शहर आने वाले समय में आईटी और जीसीसी निवेश के लिए कर्नाटक का प्रमुख केंद्र बन सकता है।





