व्यापार
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला GST मामले में टाटा स्टील को मिली राहत
Ratna Netam
26 Aug 2026 8:17 PM IST

x
बिजनेस : देश की दिग्गज स्टील कंपनी **टाटा स्टील** को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। करीब **890 करोड़ रुपये के GST विवाद** मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी के खिलाफ जारी टैक्स डिमांड और जुर्माने के आदेश को रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद कंपनी पर मंडरा रहा बड़ा वित्तीय बोझ फिलहाल खत्म हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद टाटा स्टील ने बताया कि अदालत ने CGST और सेंट्रल एक्साइज विभाग, जमशेदपुर की ओर से जारी मांग आदेश को खारिज कर दिया है। इसमें 890.52 करोड़ रुपये की टैक्स मांग, इतनी ही राशि का जुर्माना और उस पर लगने वाला ब्याज शामिल था।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला **इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC)** से जुड़ा हुआ था। GST व्यवस्था में कंपनियों को अपने कारोबार में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं और सेवाओं पर दिए गए टैक्स का क्रेडिट लेने की सुविधा मिलती है।
टैक्स अधिकारियों का आरोप था कि टाटा स्टील ने वित्त वर्ष 2018-19 से 2020-21 के बीच करीब 890.52 करोड़ रुपये का ITC गलत तरीके से लिया। इसके बाद CGST और सेंट्रल एक्साइज विभाग, जमशेदपुर ने कंपनी को नोटिस जारी कर टैक्स की वसूली, ब्याज और जुर्माने की मांग की थी।
हालांकि टाटा स्टील ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि कंपनी ने कोई अतिरिक्त या गलत ITC नहीं लिया है। कंपनी का कहना था कि विवादित क्रेडिट एक वित्त वर्ष से जुड़ा था, लेकिन उसे अगले वित्त वर्ष में लिया गया, जो GST कानून के तहत स्वीकार्य है।
विभाग ने लगाया था भारी जुर्माना
टैक्स विभाग ने मामले में 890.52 करोड़ रुपये की टैक्स डिमांड के साथ इतनी ही राशि का जुर्माना भी लगाया था। इसके अलावा नियमों के अनुसार ब्याज की मांग भी की गई थी।
अगर यह आदेश बरकरार रहता तो कंपनी पर कुल वित्तीय बोझ करीब 1,781 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता था।
टाटा स्टील ने इस आदेश को चुनौती देते हुए पहले झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया था। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
सुप्रीम कोर्ट में टाटा स्टील को मिली राहत
सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए टैक्स विभाग के पुराने आदेश को रद्द कर दिया। अदालत के फैसले के बाद मौजूदा टैक्स डिमांड और जुर्माने की जिम्मेदारी टाटा स्टील पर नहीं रहेगी।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने टैक्स विभाग को कानून के अनुसार नए सिरे से कार्रवाई करने का सीमित अधिकार दिया है। अगर विभाग उचित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ना चाहता है तो उसे अदालत के निर्देशों का पालन करना होगा।
कंपनी ने फैसले का किया स्वागत
टाटा स्टील ने नियामकीय जानकारी देते हुए बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से कंपनी को बड़ी राहत मिली है। कंपनी पहले से ही दावा करती रही है कि उसकी ओर से GST नियमों का पालन किया गया है।
कंपनी का कहना था कि विवाद तकनीकी और कानूनी व्याख्या से जुड़ा था, न कि किसी गलत दावे से।
शेयर बाजार में भी दिख सकता है असर
बड़ी कंपनियों के खिलाफ आने वाले टैक्स विवादों का असर अक्सर निवेशकों की धारणा पर पड़ता है। टाटा स्टील जैसी बड़ी कंपनी को कानूनी राहत मिलने से निवेशकों के बीच सकारात्मक संदेश जा सकता है।
हालांकि शेयर बाजार पर कंपनी के प्रदर्शन, वैश्विक स्टील कीमतों और अन्य आर्थिक परिस्थितियों का भी असर पड़ता है।
GST विवादों में बढ़ रही कानूनी लड़ाई
GST लागू होने के बाद कई बड़ी कंपनियां इनपुट टैक्स क्रेडिट, टैक्स वर्गीकरण और नियमों की व्याख्या को लेकर विभागीय कार्रवाई का सामना कर चुकी हैं।
कई मामलों में कंपनियां अदालतों का रुख करती हैं और न्यायपालिका को यह तय करना पड़ता है कि टैक्स नियमों की सही व्याख्या क्या होगी।
कारोबार जगत के लिए अहम फैसला
टाटा स्टील मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला उद्योग जगत के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कंपनियां लंबे समय से मांग करती रही हैं कि GST नियमों को लेकर स्पष्टता और स्थिरता होनी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे फैसले भविष्य के टैक्स विवादों में भी मार्गदर्शन दे सकते हैं।
TagsSupreme CourtVerdictGSTTata Steelसुप्रीम कोर्टफैसलाटाटा स्टीलजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





