
x
रिलायंस जियो के संभावित IPO को लेकर बाजार में हलचल
'फाइनेंशियल टाइम्स' की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत की सबसे बड़ी वायरलेस टेलीकॉम ऑपरेटर कंपनी 'रिलायंस जियो इन्फोकॉम' 4 अरब डॉलर के बहुप्रतीक्षित 'इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग' (IPO) के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल करने की तैयारी कर रही है।
अगर यह प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो यह लिस्टिंग भारत के इतिहास के सबसे बड़े IPO में से एक होगी।
यह फाइलिंग 19 जून को होने वाली कंपनी की सालाना आम बैठक (AGM) में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के संबोधन से पहले हो सकती है।
4 अरब डॉलर के अनुमानित आकार वाला यह IPO 'हुंडई मोटर इंडिया' के 3.3 अरब डॉलर के इश्यू से बड़ा हो सकता है और देश की अब तक की सबसे बड़ी स्टॉक मार्केट लिस्टिंग के तौर पर सामने आ सकता है।
अंबानी ने पहले संकेत दिया था कि जियो की पब्लिक लिस्टिंग 2026 की पहली छमाही में होगी।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि रिलायंस ने 'ऑफर-फॉर-सेल' (मौजूदा शेयरों की बिक्री) के स्ट्रक्चर से हटकर मुख्य रूप से 'फ्रेश इश्यू' (नए शेयर जारी करने) पर विचार करना शुरू कर दिया है।
इस तरीके से यह सुनिश्चित होगा कि जुटाए गए फंड का एक बड़ा हिस्सा शेयरधारकों के बाहर निकलने (एग्जिट) के बजाय जियो के कामकाज को बढ़ाने और भविष्य की ग्रोथ से जुड़ी पहलों में फिर से निवेश किया जाए।
5 सितंबर 2016 को कमर्शियल तौर पर लॉन्च हुई रिलायंस जियो ने मुफ्त वॉयस सर्विस और किफायती हाई-स्पीड डेटा प्लान देकर भारत के टेलीकॉम सेक्टर में बड़ा बदलाव किया।
इसकी एंट्री से डेटा की लागत में भारी कमी आई और देश भर में इंटरनेट की पहुंच बढ़ी, जिससे लाखों यूज़र्स पहली बार ऑनलाइन आए।
आज, जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम शाखा के तौर पर काम करती है। यह एक बड़े इकोसिस्टम को चलाती है जिसमें टेलीकॉम सर्विस, डिजिटल प्लेटफॉर्म और AI, एज कंप्यूटिंग, 5G स्टैंडअलोन नेटवर्क और सैटेलाइट ब्रॉडबैंड जैसी नई टेक्नोलॉजी शामिल हैं।
अप्रैल 2026 तक के TRAI डेटा के अनुसार, जियो 512.58 मिलियन सब्सक्राइबर्स के साथ भारत की सबसे बड़ी वायरलेस ब्रॉडबैंड प्रोवाइडर है और 14.35 मिलियन यूज़र्स के साथ वायर्ड ब्रॉडबैंड सेगमेंट में भी सबसे आगे है।
कंपनी का दावा है कि उसकी सर्विस भारत की 99% से ज़्यादा आबादी तक पहुंचती है और वह फाइबर नेटवर्क के ज़रिए लगभग 25 मिलियन घरों को जोड़ती है।
जियो एक बड़े डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के ज़रिए भी काम करती है, जिसमें लगभग 9,000 डिजिटल स्टोर, दस लाख से ज़्यादा मर्चेंट पार्टनर और करीब तीस लाख जियो एसोसिएट्स शामिल हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के कुल डेटा ट्रैफ़िक का लगभग 60% हिस्सा जियो के ज़रिए आता है और FY26 में सालाना खपत 241.4 बिलियन GB तक पहुँच गई है।
Next Story





