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DMart के शेयर में बड़ा झटका, 52 हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंचा भाव

nidhi
12 Oct 2026 11:23 AM IST
DMart के शेयर में बड़ा झटका, 52 हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंचा भाव
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कमाई बढ़ी फिर भी DMart का शेयर फि
मुंबई: देश की प्रमुख रिटेल कंपनियों में शामिल डीमार्ट (DMart) को शेयर बाजार में झटका लगा है। कंपनी की संचालक Avenue Supermarts के शेयर सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को कारोबार के दौरान 3.3% तक गिरकर बीएसई पर ₹3,405 के स्तर पर पहुंच गए। यह शेयर के लिए 52 हफ्तों का नया निचला स्तर रहा। खास बात यह है कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में राजस्व और मुनाफे, दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की है। इसके बावजूद शेयर में गिरावट से बाजार की चिंता सामने आई है।
राजस्व में 17.8% और मुनाफे में 8.5% की बढ़ोतरी
Avenue Supermarts ने सितंबर 2026 में समाप्त दूसरी तिमाही में 19,644 करोड़ रुपये का कुल समेकित राजस्व दर्ज किया। एक साल पहले इसी अवधि में यह 16,676 करोड़ रुपये था। इस तरह कंपनी के राजस्व में सालाना आधार पर 17.8% की वृद्धि हुई। कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा भी 685 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 743 करोड़ रुपये हो गया। इसमें सालाना आधार पर 8.5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई यानी EBITDA 1,214 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,393 करोड़ रुपये हो गई। इन आंकड़ों से साफ है कि कंपनी की बिक्री और कुल मुनाफे में वृद्धि जारी है। हालांकि, मुनाफे की वृद्धि राजस्व की बढ़ोतरी से धीमी रही। बाजार में शेयर की प्रतिक्रिया को समझने के लिए यही अंतर महत्वपूर्ण है।
कमाई बढ़ी, लेकिन मार्जिन पर दबाव
DMart के नतीजों में चिंता का एक प्रमुख कारण कंपनी के लाभ मार्जिन में कमी है। दूसरी तिमाही में समेकित EBITDA मार्जिन पिछले साल के 7.3% से घटकर 7.1% रह गया। इसी तरह शुद्ध मुनाफे का मार्जिन 4.1% से घटकर 3.8% हो गया। मार्जिन में गिरावट का अर्थ है कि कंपनी को बढ़े हुए राजस्व से अपेक्षाकृत कम अनुपात में लाभ मिल रहा है। कंपनी के प्रबंधन ने बताया कि शुरुआती स्तर के कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी के कारण परिचालन खर्च में कुछ इजाफा हुआ है। रिटेल कारोबार में प्रतिस्पर्धी कीमतों पर सामान बेचना कंपनी की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन वेतन, परिचालन और अन्य खर्च बढ़ने पर मार्जिन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यही कारण है कि बिक्री और मुनाफे में वृद्धि के बावजूद निवेशक केवल कुल आंकड़ों के बजाय लाभप्रदता पर भी नजर रखते हैं।
डीमार्ट के नए स्टोर और बिक्री का हाल
कंपनी ने दूसरी तिमाही में 15 नए स्टोर खोले। इसके साथ ही 30 सितंबर 2026 तक DMart के स्टोर की कुल संख्या बढ़कर 518 हो गई। कंपनी की रणनीति नए क्षेत्रों में विस्तार करने और ग्राहकों को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर जरूरी सामान उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। कंपनी के कम से कम दो साल से संचालित स्टोरों की समान-स्टोर बिक्री वृद्धि यानी SSSG भी बेहतर हुई। दूसरी तिमाही में यह दर 9.5% रही, जबकि पिछले साल की समान अवधि में 6.8% थी। यह संकेत देता है कि पुराने स्टोरों की बिक्री में भी सुधार हुआ है। इसके बावजूद बाजार में कंपनी के सामने ऑनलाइन किराना सेवाओं और त्वरित डिलीवरी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा की चुनौती बनी हुई है। तेजी से सामान पहुंचाने वाली सेवाओं के कारण ग्राहकों को हासिल करने और उन्हें बनाए रखने के लिए कंपनियों को छूट तथा विपणन पर अधिक खर्च करना पड़ सकता है।
DMart Ready के प्रदर्शन पर भी नजर
कंपनी के ऑनलाइन किराना कारोबार DMart Ready ने भी दूसरी तिमाही में दबाव के संकेत दिए। रिपोर्ट के मुताबिक, इस कारोबार का राजस्व सालाना आधार पर 4% घटा और तिमाही के दौरान उसका घाटा 60.6 करोड़ रुपये रहा। ऑनलाइन किराना कारोबार में बिक्री बढ़ाना और खर्च को नियंत्रित रखना चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में DMart Ready का प्रदर्शन कंपनी की आगे की कारोबारी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। कंपनी ने ऑनलाइन कारोबार में परिचालन दक्षता सुधारने और ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही है।
ब्रोकरेज की नजर मार्जिन और प्रतिस्पर्धा पर
शेयर में गिरावट के बीच ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी की लाभप्रदता और प्रतिस्पर्धी स्थिति को लेकर सावधानी बरती है। रिपोर्ट के अनुसार, Motilal Oswal ने शेयर पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बनाए रखी, जबकि Nuvama Institutional Equities ने ‘होल्ड’ रेटिंग बरकरार रखते हुए अपना लक्ष्य मूल्य 4,174 रुपये से घटाकर 3,784 रुपये कर दिया। ब्रोकरेज ने वेतन वृद्धि, अन्य खर्चों और मार्जिन पर दबाव को लेकर चिंता जताई। शेयर बाजार में किसी कंपनी का प्रदर्शन केवल राजस्व और मुनाफे पर निर्भर नहीं करता। निवेशक भविष्य की वृद्धि, प्रतिस्पर्धा, लागत और लाभ मार्जिन जैसे पहलुओं को भी देखते हैं। DMart के मामले में बिक्री और मुनाफे की वृद्धि सकारात्मक रही, लेकिन मार्जिन में कमी और ऑनलाइन प्रतिस्पर्धा से जुड़े सवालों का असर शेयर पर दिखाई दिया।
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