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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सोने और चांदी के आभूषणों, तथा अन्य कीमती धातुओं से बने उत्पादों के निर्यात पर मिलने वाले 'ड्यूटी ड्रॉबैक' (शुल्क वापसी) की दरों को कम कर दिया है।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, सोने के आभूषणों पर मिलने वाली शुल्क वापसी में 3.1 प्रतिशत की कटौती की गई है, जबकि चांदी के आभूषणों और ऐसे ही अन्य उत्पादों पर मिलने वाली वापसी में लगभग 9 प्रतिशत की कमी की गई है।
इस फैसले से भारतीय आभूषण निर्यातकों को पहले के मुकाबले कम वित्तीय लाभ होगा, और इसका सीधा असर उनके मुनाफे (प्रॉफिट मार्जिन) पर पड़ सकता है।
इस बदलाव के बाद, सोने के आभूषणों के निर्यात पर ड्यूटी ड्रॉबैक की दर 1,851.99 रुपये प्रति ग्राम से घटकर 1,794.11 रुपये प्रति ग्राम हो गई है।
चांदी से बने उत्पादों के मामले में यह कटौती और भी बड़ी है। चांदी के आभूषणों और अन्य चांदी की वस्तुओं के निर्यात के लिए दर को 29,501.09 रुपये प्रति किलोग्राम से घटाकर 26,859.02 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया है।
'ड्यूटी ड्रॉबैक' एक ऐसी व्यवस्था है जिसके जरिए निर्यातकों को उन कच्चे माल या इनपुट पर चुकाए गए सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) और अन्य शुल्कों की वापसी मिलती है, जिनका इस्तेमाल निर्यात की जाने वाली वस्तुओं के उत्पादन में किया जाता है।
इसका उद्देश्य निर्यात को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना और उत्पादन लागत के बोझ को कम करना है।
इससे पहले, इस साल जुलाई में सरकार ने ड्यूटी ड्रॉबैक दरों में भारी बढ़ोतरी करके आभूषण निर्यात क्षेत्र को राहत दी थी।
उस समय, बढ़ती लागत और वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए, सोने के आभूषणों पर मिलने वाली वापसी को 773.17 रुपये प्रति ग्राम से बढ़ाकर 1,851.99 रुपये प्रति ग्राम कर दिया गया था।
इसी तरह, चांदी के उत्पादों पर लागू दर को 14,990.66 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 29,501.09 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया था।
हालांकि, उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक बाजार में मांग मजबूत बनी रहती है, तो निर्यात पर इसका असर सीमित हो सकता है।
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