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बड़े निवेशकों ने बढ़ाई Meesho में हिस्सेदारी

Saba Naaz
21 July 2026 4:25 PM IST
बड़े निवेशकों ने बढ़ाई Meesho में हिस्सेदारी
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नई दिल्ली। ऑनलाइन ई-कॉमर्स कंपनी Meesho को लेकर बड़े निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) और घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) दोनों ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। शेयरहोल्डिंग पैटर्न में आए बदलाव से संकेत मिल रहा है कि संस्थागत निवेशक कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक नजरिया रख रहे हैं।

पिछली कुछ तिमाहियों में Meesho ने अपने कारोबार में कई अहम सुधार किए हैं। कंपनी ने खर्चों में कटौती की है, मुनाफे की स्थिति को बेहतर किया है और विज्ञापन कारोबार में भी तेजी दर्ज की है। हालांकि, कंपनी का नया ब्रांड कारोबार अभी शुरुआती चरण में है और इसमें लगातार निवेश किया जा रहा है। ऐसे में आने वाले तिमाही नतीजे कंपनी की आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

FII-DII की हिस्सेदारी में बड़ा बदलाव

Meesho के शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी में लगातार बढ़ोतरी हुई है। मार्च 2026 में FII की हिस्सेदारी 4.17 प्रतिशत थी, जो जून 2026 तक बढ़कर 5.19 प्रतिशत हो गई। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने भी कंपनी पर अपना भरोसा बढ़ाया है।

दिसंबर 2025 में DII की हिस्सेदारी 5.28 प्रतिशत थी, जो मार्च 2026 में बढ़कर 5.56 प्रतिशत और जून 2026 तक 9.14 प्रतिशत पहुंच गई। इससे पता चलता है कि बड़े घरेलू निवेशक भी Meesho की भविष्य की संभावनाओं को लेकर उत्साहित हैं।

दूसरी तरफ कंपनी के प्रमोटर की हिस्सेदारी दिसंबर 2025 के 16.76 प्रतिशत से घटकर जून 2026 में 16.41 प्रतिशत रह गई है। वहीं आम निवेशकों यानी पब्लिक शेयरहोल्डिंग में भी गिरावट आई है। दिसंबर 2025 में पब्लिक हिस्सेदारी 73.66 प्रतिशत थी, जो जून 2026 तक घटकर 69.26 प्रतिशत रह गई।

कंपनी के मुनाफे में सुधार

Meesho ने हाल के समय में अपने ऑपरेशनल खर्च को नियंत्रित करने में सफलता हासिल की है। कंपनी के डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स खर्च में कमी आने से मार्जिन में सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी का योगदान मार्जिन बढ़कर 4 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो पहले 1.70 प्रतिशत था।

इससे पहले कंपनी को डिलीवरी खर्च बढ़ने के कारण दबाव का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन अब बेहतर लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और लागत नियंत्रण के चलते स्थिति में सुधार देखने को मिला है।

ऑनलाइन पेमेंट से घटा खर्च

Meesho का कहना है कि ग्राहकों में ऑनलाइन पेमेंट का इस्तेमाल बढ़ने से कंपनी को फायदा हुआ है। पहले की तुलना में ज्यादा ग्राहक अब कैश ऑन डिलीवरी की जगह डिजिटल भुगतान कर रहे हैं। इससे ऑर्डर कैंसिलेशन और रिटर्न से जुड़ा खर्च कम हुआ है।

इसके अलावा कंपनी ने डिलीवरी सिस्टम को बेहतर बनाया है, जिससे सही पते और तेज डिलीवरी के कारण लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आई है।

विज्ञापन कारोबार में तेजी

Meesho के लिए विज्ञापन कारोबार भी तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र बन रहा है। कंपनी के प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन देने वाले सेलर्स की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। सक्रिय सेलर कैटलॉग की संख्या एक साल में 40 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ी है।

कंपनी के अनुसार, विज्ञापन पर खर्च करने वाले कारोबारियों का बजट पिछले एक साल में दोगुने से अधिक हो गया है। इससे कंपनी को अतिरिक्त आय का नया जरिया मिल रहा है।

छोटे शहरों और गांवों पर फोकस

Meesho अब छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पहुंच बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। कंपनी का मानना है कि भारत में ऑनलाइन खरीदारी करने वाले ग्राहकों की संख्या अभी काफी बढ़ सकती है।

कंपनी AI तकनीक का इस्तेमाल कर नए ग्राहकों तक पहुंच आसान बना रही है। AI आधारित वॉयस शॉपिंग फीचर से ग्राहकों को जोड़ने की लागत भी कम हुई है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल खरीदारी को बढ़ावा देने के लिए कंपनी लगातार निवेश कर रही है।

बड़े निवेशकों की बढ़ती हिस्सेदारी और कंपनी के बेहतर होते वित्तीय प्रदर्शन ने Meesho को बाजार में चर्चा का विषय बना दिया है। हालांकि शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है, इसलिए निवेशकों को किसी भी निर्णय से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

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