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बिजनेस : देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के शीर्ष प्रबंधन में बड़ा बदलाव हुआ है। LIC के प्रबंध निदेशक और प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक दिनेश पंत ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी VRS ले ली है। भारत सरकार ने उनके स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के अनुरोध को मंजूरी दे दी है। उनका VRS 24 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गया है। LIC ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी गई नियामकीय सूचना में इसकी जानकारी दी।LIC के मुताबिक भारत सरकार की मंजूरी के बाद दिनेश पंत 24 सितंबर 2026 से निगम के प्रबंध निदेशक और प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक नहीं रहे। इसके साथ ही कंपनी के शीर्ष प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण पद खाली हो गया है। दिनेश पंत लंबे समय से LIC से जुड़े रहे और उन्होंने कंपनी में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।
दिनेश पंत के VRS को ऐसे समय में मंजूरी मिली है, जब उनके बीमा नियामक भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण यानी IRDAI में नई जिम्मेदारी संभालने की तैयारी की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार सरकार ने जून में दिनेश पंत को IRDAI में पूर्णकालिक सदस्य के रूप में नियुक्त करने के लिए चुना था। उनके साथ न्यू इंडिया एश्योरेंस की पूर्व CMD गिरिजा सुब्रमण्यम का नाम भी नियामक में रिक्त पदों को भरने के लिए सामने आया था।दिनेश पंत के LIC से बाहर होने के बाद निगम की प्रबंधन संरचना में भी बदलाव होगा। LIC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हालिया प्रबंधन विवरण में आर. दोरईस्वामी को मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक के रूप में दिखाया गया है। इसके अलावा दिनेश पंत, रत्नाकर पटनायक और रामकृष्णन चंदर प्रबंध निदेशक के रूप में सूचीबद्ध थे।
LIC के मई 2026 के कॉरपोरेट प्रेजेंटेशन में भी दिनेश पंत को निगम के प्रबंध निदेशक के रूप में दिखाया गया था। इसी प्रेजेंटेशन में आर. दोरईस्वामी CEO एवं MD, रत्नाकर पटनायक और रामकृष्णन चंदर को भी शीर्ष प्रबंधन का हिस्सा बताया गया था।दिनेश पंत की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का मतलब यह है कि उन्होंने अपनी सामान्य सेवा अवधि पूरी होने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत पद छोड़ने का विकल्प चुना। सरकारी स्वामित्व वाली LIC में प्रबंध निदेशक जैसे शीर्ष पद से जुड़े सेवा मामलों में केंद्र सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इस मामले में सरकार की मंजूरी मिलने के बाद उनका VRS औपचारिक रूप से प्रभावी हुआ।
LIC ने अपनी नियामकीय सूचना में यह भी बताया कि दिनेश पंत सूचना प्रौद्योगिकी रणनीति समिति के अध्यक्ष पद पर भी नहीं रहेंगे। इस तरह उनके जाने के बाद निगम में प्रबंधन के साथ-साथ संबंधित समिति की जिम्मेदारियों में भी बदलाव होगा।दिनेश पंत का जाना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि LIC देश के बीमा क्षेत्र की सबसे बड़ी और प्रमुख कंपनियों में शामिल है। करोड़ों पॉलिसीधारकों से जुड़े कारोबार के साथ कंपनी की देशभर में व्यापक मौजूदगी है। ऐसे में निगम के शीर्ष प्रबंधन में होने वाले बदलावों पर निवेशकों, बीमा क्षेत्र और बाजार की नजर रहती है।
दिनेश पंत के VRS की खबर के बीच शुक्रवार को LIC के शेयरों में मामूली बढ़त भी देखने को मिली। हालांकि शेयर बाजार में किसी एक कारोबारी सत्र की चाल कई घरेलू और वैश्विक कारकों से प्रभावित होती है, इसलिए इसे केवल प्रबंधन में हुए बदलाव से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा।LIC के लिए पिछले कुछ वर्षों में तकनीक और डिजिटल सेवाओं का महत्व तेजी से बढ़ा है। कंपनी ने अपने ग्राहकों और एजेंट नेटवर्क के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया है। ऐसे में सूचना प्रौद्योगिकी रणनीति समिति के अध्यक्ष के रूप में दिनेश पंत की भूमिका भी महत्वपूर्ण थी। उनके जाने के बाद इस समिति की जिम्मेदारी किसे दी जाएगी, इस पर आगे निगम की ओर से फैसला किया जा सकता है।LIC भारत सरकार के नियंत्रण वाली सूचीबद्ध जीवन बीमा कंपनी है। कंपनी शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के कारण अपने प्रबंधन में होने वाले महत्वपूर्ण बदलावों और अन्य आवश्यक जानकारियों को स्टॉक एक्सचेंजों के साथ साझा करती है। इसी प्रक्रिया के तहत दिनेश पंत के VRS और सरकार से मिली मंजूरी की जानकारी भी बाजार को दी गई।
दिनेश पंत के संभावित अगले कार्यकाल को लेकर अब बीमा क्षेत्र की नजर IRDAI पर रहेगी। IRDAI भारत में बीमा कंपनियों और बीमा कारोबार के नियमन से जुड़ी प्रमुख संस्था है। अगर वह वहां पूर्णकालिक सदस्य की जिम्मेदारी संभालते हैं तो LIC में लंबे अनुभव के बाद उनकी भूमिका सीधे बीमा क्षेत्र के नियामकीय ढांचे से जुड़ जाएगी।फिलहाल यह स्पष्ट है कि केंद्र सरकार ने दिनेश पंत के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और 24 सितंबर 2026 से उनका LIC के प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यकाल समाप्त हो गया है। इसके साथ ही निगम के शीर्ष प्रबंधन में एक अहम बदलाव दर्ज हुआ है। आने वाले समय में LIC उनके स्थान पर प्रबंध निदेशक पद से संबंधित व्यवस्था और सूचना प्रौद्योगिकी रणनीति समिति के नेतृत्व को लेकर आगे की जानकारी दे सकती है।
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