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मेटा को बड़ा झटका, उपभोक्ताओं को गुमराह करने पर 25 अरब डॉलर चुकाने का आदेश

nidhi
22 Oct 2026 6:55 AM IST
मेटा को बड़ा झटका, उपभोक्ताओं को गुमराह करने पर 25 अरब डॉलर चुकाने का आदेश
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फेसबुक की डेटा प्राइवेसी पर भारी पड़ा दावा
सांता फे: फेसबुक की मूल कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स को अमेरिका के न्यू मेक्सिको में बड़ा कानूनी झटका लगा है। राज्य की अदालत ने उपभोक्ताओं को उनकी निजी जानकारी और प्लेटफॉर्म की नीतियों के बारे में गुमराह करने के मामले में कंपनी को 25 अरब डॉलर का दीवानी जुर्माना चुकाने का आदेश दिया है। बुधवार, 21 अक्टूबर को सुनाया गया यह फैसला कैम्ब्रिज एनालिटिका विवाद से जुड़े मुकदमे में आया है। इससे पहले सितंबर में जूरी ने कंपनी को राज्य के उपभोक्ता संरक्षण कानून के करोड़ों उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार पाया था। मेटा ने फैसले को चुनौती देने की बात कही है।
यह मामला केवल व्यक्तिगत जानकारी तक किसी तीसरे पक्ष की पहुंच तक सीमित नहीं था। अदालत के सामने सवाल यह भी था कि फेसबुक ने अपने उपयोगकर्ताओं को डेटा के इस्तेमाल, उसकी सुरक्षा और उस पर उनके नियंत्रण के बारे में क्या बताया था। मुकदमे में कंपनी के उन सार्वजनिक दावों की पड़ताल हुई, जिनके आधार पर उपभोक्ता प्लेटफॉर्म पर भरोसा करते थे। न्यू मेक्सिको का आरोप था कि इन बयानों से उपयोगकर्ताओं के सामने कंपनी की वास्तविक कार्यप्रणाली की भ्रामक तस्वीर पेश की गई।
जूरी ने करोड़ों उल्लंघनों के लिए ठहराया जिम्मेदार
न्यू मेक्सिको के न्याय विभाग के अनुसार, जूरी ने फेसबुक को राज्य के अनुचित व्यापार व्यवहार रोकने वाले कानून के कुल 4,38,99,725 उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार पाया। यह निष्कर्ष 25 सितंबर 2026 को आया था। इसके बाद अदालत के सामने आर्थिक दंड की राशि निर्धारित करने का प्रश्न था। अब न्यायाधीश फ्रांसिस मैथ्यू ने कंपनी पर 25 अरब डॉलर का जुर्माना तय किया है। इस प्रकार सितंबर का फैसला कंपनी की जवाबदेही से संबंधित था, जबकि अक्टूबर के आदेश में आर्थिक दंड निर्धारित किया गया।
जूरी द्वारा गिने गए उल्लंघनों का आंकड़ा उतने ही अलग-अलग प्रभावित व्यक्तियों की संख्या नहीं है। गणना में भ्रामक बयानों और उन्हें देखने या सुनने वाले न्यू मेक्सिको के उपयोगकर्ताओं अथवा निवासियों की संख्या को आधार बनाया गया। इसलिए करोड़ों उल्लंघनों को करोड़ों अलग पीड़ितों के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा। मामले का केंद्र कंपनी के सार्वजनिक बयानों की पहुंच और उपभोक्ता कानून के तहत उनसे पैदा हुई जिम्मेदारी थी।
कैम्ब्रिज एनालिटिका विवाद से जुड़ा है मुकदमा
इस कानूनी लड़ाई की पृष्ठभूमि कैम्ब्रिज एनालिटिका विवाद है। ब्रिटेन की यह राजनीतिक परामर्श कंपनी डोनाल्ड ट्रंप के वर्ष 2016 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान से जुड़ी थी। आरोप था कि एक तीसरे पक्ष के ऐप के माध्यम से बड़ी संख्या में फेसबुक उपयोगकर्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी उनकी सहमति के बिना हासिल की गई। इस घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर साझा की जाने वाली जानकारी और राजनीतिक विज्ञापनों में उसके इस्तेमाल को लेकर व्यापक सवाल खड़े किए थे। न्यू मेक्सिको ने इसी पृष्ठभूमि में वर्ष 2021 में मुकदमा दाखिल किया था।
राज्य का दावा था कि फेसबुक ने यह स्पष्ट और सही तरीके से नहीं बताया कि उपयोगकर्ताओं की जानकारी तक किसकी पहुंच हो सकती है। मुकदमे में डेटा एकत्र करने, सुरक्षित रखने, साझा करने और इस्तेमाल करने संबंधी बयानों को चुनौती दी गई। इसके साथ गलत सूचनाओं और नफरत फैलाने वाली सामग्री पर रोक लगाने के कंपनी के दावे भी जांच के दायरे में आए। विवाद इस बात पर था कि सार्वजनिक आश्वासनों और प्लेटफॉर्म के वास्तविक संचालन के बीच कितना अंतर था।
कंपनी की नीतियों और नेतृत्व के बयानों की पड़ताल
मुकदमे में उपयोगकर्ताओं के डेटा पर नियंत्रण, सामुदायिक मानकों को समान रूप से लागू करने और कैम्ब्रिज एनालिटिका विवाद के बाद जांच संबंधी आश्वासनों की समीक्षा हुई। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, जूरी ने विचार किए गए 34 बिंदुओं में से 31 पर राज्य के पक्ष में निष्कर्ष दिया। न्यायाधीश ने अपने आदेश में आचरण की अवधि, बयानों की पुनरावृत्ति, वरिष्ठ नेतृत्व की भूमिका और उनकी व्यापक पहुंच जैसे पहलुओं को महत्वपूर्ण माना। अदालत का निष्कर्ष था कि मामला केवल अनजाने में हुई गलती का नहीं था।
न्यू मेक्सिको के अटॉर्नी जनरल राउल टोरेज ने फैसले को बड़ी तकनीकी कंपनियों की जवाबदेही के लिए महत्वपूर्ण बताया। राज्य के न्याय विभाग ने इसे अमेरिकी इतिहास में किसी कंपनी के खिलाफ बड़े आर्थिक दंडों में से एक करार दिया है। अभियोजन पक्ष का तर्क था कि उपभोक्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी और उनके भरोसे से जुड़ी जिम्मेदारियां कंपनी के आकार के कारण कम नहीं हो सकतीं। हालांकि, फैसले का आगे का कानूनी परिणाम मेटा की प्रस्तावित अपील से भी प्रभावित हो सकता है।
राज्य ने मांगा था अधिक जुर्माना
न्यू मेक्सिको के वकीलों ने अदालत से 35 अरब से 40 अरब डॉलर तक का दंड लगाने का अनुरोध किया था। दूसरी ओर, मेटा के वकीलों ने कहीं कम राशि के पक्ष में दलील दी। उन्होंने अत्यधिक जुर्माने को संवैधानिक प्रक्रिया और उचित दंड के सिद्धांतों के विरुद्ध बताया। अदालत ने अंततः 25 अरब डॉलर की राशि निर्धारित की। यह उपभोक्ता संरक्षण कानून के उल्लंघन पर लगाया गया दीवानी दंड है; इसे आपराधिक सजा या प्रत्येक उपयोगकर्ता के लिए अलग मुआवजे का आदेश नहीं बताया गया है।
मेटा ने फैसले पर जताई आपत्ति
मेटा ने आरोपों और अदालत के निष्कर्षों का विरोध किया है। कंपनी की ओर से कहा गया कि राज्य यह साबित नहीं कर पाया कि उसके बयानों से उपभोक्ताओं को वास्तविक नुकसान हुआ। कंपनी ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा भी उठाया। उसके मुख्य कानूनी अधिकारी सी.जे. महोनी ने कहा कि इस तरह का प्रवर्तन न्यू मेक्सिको में कारोबार करना बेहद कठिन बनाता है। मेटा ने अपील में अपने पक्ष की सफलता का भरोसा जताया है। इसलिए अदालत का मौजूदा आदेश महत्वपूर्ण होने के बावजूद कानूनी विवाद अभी समाप्त नहीं हुआ है।
जुर्माने की राशि के इस्तेमाल को लेकर अटॉर्नी जनरल ने बताया कि राज्य के संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार उपभोक्ता संरक्षण कानून के उल्लंघनों से प्राप्त दंड शिक्षा पर खर्च होता है। हालांकि, अपील की स्थिति में धन मिलने की प्रक्रिया लंबी हो सकती है। अभी आदेश जारी होने और राशि वास्तव में प्राप्त होने के बीच अंतर बना हुआ है। यह फैसला डिजिटल कंपनियों के डेटा संबंधी आश्वासनों की गंभीरता सामने लाता है—विशेष रूप से तब, जब उपयोगकर्ता उन्हीं दावों के आधार पर अपनी जानकारी साझा करते हैं।
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