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निवेशकों को तगड़ा झटका सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट

Ratna Netam
19 Oct 2026 4:28 PM IST
निवेशकों को तगड़ा झटका सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट
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मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को भारी गिरावट देखने को मिली। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन निजी क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में जोरदार बिकवाली, कंपनियों के निराशाजनक तिमाही नतीजों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 876.37 अंक यानी 1.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,852.90 अंक पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 सूचकांक 257.20 अंक यानी 1.11 प्रतिशत फिसलकर 22,888.95 अंक पर आ गया। बाजार में आई इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में भी भारी कमी दर्ज की गई।
निजी बैंकों के शेयरों में भारी बिकवाली
सोमवार को शेयर बाजार की गिरावट में सबसे बड़ी भूमिका निजी क्षेत्र के बैंकिंग शेयरों की रही। एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक जैसे प्रमुख बैंकों के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। इन बैंकों के तिमाही नतीजों से निवेशकों को अपेक्षित संतुष्टि नहीं मिलने के कारण बिकवाली का दबाव बढ़ गया।कारोबार के दौरान एक्सिस बैंक के शेयर में करीब 4.2 प्रतिशत और एचडीएफसी बैंक के शेयर में लगभग 2.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख बैंकिंग कंपनियों के शेयरों में गिरावट का असर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर पड़ा।बैंकिंग क्षेत्र की कमजोरी ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया और निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए कई बड़े शेयरों में बिकवाली की।
लगभग सभी सेक्टरों में दिखा बिकवाली का दबाव
सोमवार के कारोबार में बाजार की कमजोरी केवल बैंकिंग क्षेत्र तक सीमित नहीं रही। सूचना प्रौद्योगिकी, ऑटोमोबाइल और कई अन्य प्रमुख क्षेत्रों के शेयर भी दबाव में रहे।नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि, इस व्यापक बिकवाली के बीच निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स ने बेहतर प्रदर्शन किया। यह सूचकांक 2.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ।सरकारी बैंकों के शेयरों में तेजी के पीछे कुछ बैंकों के बेहतर तिमाही नतीजे और परिसंपत्तियों की गुणवत्ता में सुधार को प्रमुख वजह माना गया।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
शेयर बाजार में गिरावट का एक प्रमुख कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी रहीं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमतें ऊंची रहने से देश के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है।विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का असर आने वाले कारोबारी सत्रों में भी बाजार की धारणा पर पड़ सकता है।
निवेशकों की संपत्ति में लाखों करोड़ की कमी
सोमवार की भारी गिरावट से शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में बड़ी कमी दर्ज की गई। दिन के कारोबार के दौरान बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार मूल्य लगभग 4 लाख करोड़ रुपये घटने का अनुमान सामने आया।सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट से छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला। कई निवेशकों ने बाजार में अनिश्चितता को देखते हुए मुनाफावसूली करना बेहतर समझा।
आईटी कंपनियों के शेयर भी टूटे
बैंकिंग शेयरों के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भी कमजोरी देखी गई। निफ्टी आईटी इंडेक्स में लगभग 1.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।इन्फोसिस और अन्य प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों पर बिकवाली का दबाव रहा। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और कंपनियों की आय को लेकर निवेशकों की सतर्कता ने इस क्षेत्र की धारणा को प्रभावित किया।
आगे बाजार की चाल पर रहेगी नजर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में घरेलू शेयर बाजार की दिशा कंपनियों के तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक बाजारों के रुझान और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी।निवेशकों की नजर विशेष रूप से बैंकिंग और सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के प्रदर्शन पर बनी हुई है। बाजार में अस्थिरता के बीच विशेषज्ञ निवेश से जुड़े निर्णय लेने से पहले कंपनियों की वित्तीय स्थिति और जोखिमों का आकलन करने को महत्वपूर्ण मान रहे हैं।सोमवार की गिरावट ने एक बार फिर दिखाया कि वैश्विक परिस्थितियों और बड़ी कंपनियों के वित्तीय नतीजों का भारतीय शेयर बाजार पर कितना व्यापक असर पड़ सकता है।
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