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2027 से बदलेगा महाराष्ट्र का बजट सिस्टम

Kavita2
3 Sept 2026 5:20 PM IST
2027 से बदलेगा महाराष्ट्र का बजट सिस्टम
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मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी खर्च और बजट प्रबंधन में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। राज्य में 1 अप्रैल 2027 से नया स्टैंडर्ड बजट अकाउंटिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी खर्च पर बेहतर निगरानी रखना, अलग-अलग विभागों के खर्च की तुलना आसान बनाना और वित्तीय प्रबंधन को अधिक पारदर्शी बनाना है।

वित्त विभाग की ओर से जारी सरकारी आदेश के अनुसार, राज्य सरकार ने कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (CAG) द्वारा सुझाए गए समान ‘ऑब्जेक्ट-हेड स्ट्रक्चर’ को मंजूरी दे दी है। इसके लागू होने के बाद सरकारी खातों में खर्च को दर्ज करने का तरीका एक समान हो जाएगा।

अभी अलग-अलग विभागों में खर्च के वर्गीकरण और लेखांकन की प्रक्रिया में अंतर देखने को मिलता है। नए सिस्टम के लागू होने के बाद सभी विभागों में बजट खर्च को एक समान प्रारूप में दर्ज किया जाएगा, जिससे वित्तीय आंकड़ों का विश्लेषण अधिक आसान हो सकेगा।

सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से बजट प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी धन के इस्तेमाल की बेहतर निगरानी की जा सकेगी। इससे यह पता लगाने में भी मदद मिलेगी कि किस विभाग में किस मद में कितना खर्च किया जा रहा है।

‘ऑब्जेक्ट-हेड स्ट्रक्चर’ के तहत सरकारी खर्च को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर रिकॉर्ड किया जाता है। इसमें वेतन, कार्यालय खर्च, योजनाओं पर खर्च, निर्माण कार्य, सहायता राशि और अन्य मदों को अलग-अलग तरीके से दर्ज किया जाता है।

CAG की ओर से सुझाए गए इस ढांचे का उद्देश्य पूरे देश में सरकारी लेखांकन व्यवस्था को अधिक समान और व्यवस्थित बनाना है। महाराष्ट्र सरकार ने इसी दिशा में कदम उठाते हुए इसे अपनाने का फैसला किया है।

वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नए सिस्टम से राज्य के बजट प्रबंधन में सुधार आएगा। विभागों को अपने खर्च की योजना बनाने और उसकी समीक्षा करने में आसानी होगी।

इसके अलावा, नई व्यवस्था से सरकार को योजनाओं और परियोजनाओं पर होने वाले खर्च का अधिक स्पष्ट विवरण मिल सकेगा। इससे वित्तीय निर्णय लेने में भी सहायता मिलेगी।

सरकारी खर्च पर निगरानी मजबूत होने से अनावश्यक खर्च को नियंत्रित करने और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल में मदद मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक वित्तीय प्रबंधन के लिए एक समान लेखांकन प्रणाली जरूरी है। इससे सरकार के पास उपलब्ध आंकड़े अधिक भरोसेमंद होंगे और नीतियां बनाने में आसानी होगी।

महाराष्ट्र देश के बड़े राज्यों में शामिल है और यहां हर साल हजारों करोड़ रुपये का बजट खर्च विभिन्न विभागों और योजनाओं पर किया जाता है। ऐसे में खर्च की निगरानी और सही तरीके से रिकॉर्ड रखना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद राज्य के सभी सरकारी विभागों को नए मानकों के अनुसार अपने बजट और खर्च का हिसाब रखना होगा।

वित्त विभाग की ओर से इसके लिए जरूरी दिशा-निर्देश और प्रशिक्षण व्यवस्था भी तैयार की जाएगी, ताकि विभागों को नई प्रणाली अपनाने में परेशानी न हो।

सरकार का लक्ष्य है कि डिजिटल और आधुनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली के जरिए सरकारी कामकाज को अधिक प्रभावी बनाया जाए।

नई बजट अकाउंटिंग व्यवस्था से केंद्र और राज्य के वित्तीय आंकड़ों में भी बेहतर तालमेल स्थापित होने की उम्मीद है। इससे ऑडिट प्रक्रिया को भी आसान बनाया जा सकेगा।

CAG की सिफारिशों के आधार पर लागू होने वाली यह व्यवस्था सरकारी वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

महाराष्ट्र सरकार का यह फैसला आने वाले वर्षों में बजट प्रबंधन और सरकारी खर्च की निगरानी में बड़ा बदलाव ला सकता है।

1 अप्रैल 2027 से लागू होने वाली इस नई प्रणाली के बाद सरकारी खर्च का पूरा रिकॉर्ड एक समान प्रारूप में उपलब्ध होगा, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ने की संभावना है।

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