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India’s first ESG Bond भारत का पहला ईएसजी बॉन्ड: देश का पहला ईएसजी बॉन्ड एनओसी पर सूचीबद्ध है और इसे माइलस्टोन लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) ने शेयर किया है। कंपनी ने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (एनसीडी) के माध्यम से ₹500 करोड़ की बिक्री की है और अब इस ईएसजी बॉन्ड्स को एन सूची पर सूचीबद्ध किया गया है। ईएसजी बॉन्ड्स की स्थापना देश में पहली बार हुई है। इस एनसीडी का ऑपरेटिंग सिस्टम 6.35% है और इसका मेक्योरिटी आर्किटेक्चर 3 साल का है। इसमें वार्षिकी ब्याज मिलेगा। यह लेन-डेन के लिए लीड मैनेजर का काम एचएसबीसी ने किया था। एम
ईएसजी बॉन्ड की शुरुआत की नई पहल एंडटी ने मार्केट सर्टिफिकेट सेबी (सिक्योरिटीज एंड एप्रूवल बोर्ड ऑफ इंडिया) के हाल ही में एएसजी एंड सस्टेनबिलिटी-लिंड एल बॉन्ड फ्रेमवर्क के तहत बॉन्ड जारी किया है। यह फ्रेमवर्क 5 जून, 2025 को लॉन्च किया गया था। एलएंडटी के प्रेसिडेंट, नेशनल डायरेक्टर और सीएफओ आर शंकर रमन ने इस उपलब्धि पर कहा कि यह कदम स्थिरता, जिम्मेदार प्रशासन और पर्यावरण संरक्षण के लिए है, जो कंपनी की वास्तविकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कंपनी के ईएसजी लक्ष्य देश के नेट जीरो लक्ष्य के ही हैं। सस्टेनिबिलिटी से जुड़े बॉन्ड्स के तहत कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2035 तक वॉटर इलेक्ट्रालिटी और वर्ष 2040 तक कॉर्बन लिटरेचर के साथ ताजा पानी की फिल्में और ग्रीन हाउस गैसों के काम को कम करना है।
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