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घाटे में चल रही वोडाफोन आइडिया को मिला तारणहार! 15000 करोड़ FDI निवेश को सरकार ने दी मंजूरी

Neha
22 July 2021 11:31 AM GMT
घाटे में चल रही वोडाफोन आइडिया को मिला तारणहार! 15000 करोड़ FDI निवेश को सरकार ने दी मंजूरी
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लाइसेंसिंग फीस भी शामिल है, जोकि कुल लाभ का 8 फीसदी हिस्सा होता है, भी एजीआर का हिस्सा माना जाता है.

सरकार ने फॉरन डायरेक्ट इंवेस्टमेंट (एफडीआई) रूट के माध्यम से 15,000 करोड़ रुपये तक के निवेश के लिए वोडाफोन आइडिया (वीआई) के एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इस खबर के बाद टेल्को का स्टॉक 6% से अधिक बढ़ गया. सूत्रों से पता चला है कि, सरकार की मंजूरी एक सक्षम अनुमोदन है और अभी तक कोई धन उगाहने वाला सौदा सील नहीं किया गया है.मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा, "जब फंड जुटाने की घोषणा की गई थी, तो बोर्ड ने कहा था कि एक स्रोत से अधिकतम पूंजी 15,000 करोड़ रुपये जुटाई जानी चाहिए और इसलिए इसके लिए मंजूरी लेनी पड़ी."

कंपनी को पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 6985.1 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था जो दिसंबर तिमाही में 4540.8 करोड़ रुपये था. मार्च तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू पिछली तिमाही के मुकाबले 11.8 फीसदी घटकर 9.610 करोड़ रुपये रहा. कंपनी का कुल कर्ज बढ़कर 1.8 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया जो पिछली तिमाही में 1.17 लाख करोड़ रुपये था. कर्ज में भारी बढ़ोतरी की वजह यह रही कि कंपनी ने 60 हजार करोड़ रुपये के एजीआर बकाये को कर्ज के रूप में दिखाया है.
एक महीने पहले ये कहा गया था कि, वो़डाफोन आइडिया लिमिटेड 7000 करोड़ रुपए तक जुटाने के लिए शेयरों का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट लाने की योजना बना रही थी जिससे वित्तीय जरूरतें पूरी की जा सके. वोडाफोन आइडिया लिमिटेड आदित्य बिड़ला समूह और ब्रिटेन की वोडाफोन पीएलसी का संयुक्त उद्दम है.
पिछले साल सर्वोच्च न्यायालय ने दूरसंचार कंपनियों को आदेश दिया था कि वो अपने कुल एजीआर बकाये का 10 फीसदी हिस्सा 21 मार्च 2021 तक और शेष राशि सालाना किस्तों में 1 अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2031 तक चुकाएं. इन किस्तों का भुगतान प्रत्येक आगामी वित्त वर्ष के 31 मार्च तक करना होगा. इसके बाद कंपनी वित्तीय संकट में फंस गई.
एजीआर की अगर बात करें तो ये एडजस्टेड ग्रोस रेवेन्यू (एजीआर) दूरसंचार विभाग (DoT) की ओर से टेलीकॉम कंपनियों से लिया जाने वाला लाइसेंसिंग और यूजेज फीस है. इसके अलावा इसमें स्पेक्ट्रम यूजेज चार्ज (3 से 5 फीसदी के बीच) और लाइसेंसिंग फीस भी शामिल है, जोकि कुल लाभ का 8 फीसदी हिस्सा होता है, भी एजीआर का हिस्सा माना जाता है.


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