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बिना गारंटी ₹20 करोड़ तक ऋण, स्टार्टअप्स के लिए CGSS योजना बनी सहारा

Saba Naaz
14 July 2026 7:10 PM IST
बिना गारंटी ₹20 करोड़ तक ऋण, स्टार्टअप्स के लिए CGSS योजना बनी सहारा
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नई दिल्ली। देश में स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण योजना क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर स्टार्टअप्स (CGSS) है। इस योजना के तहत पात्र स्टार्टअप्स को बिना किसी गारंटी या गिरवी के ₹20 करोड़ तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसका उद्देश्य नए उद्यमियों को फंडिंग की कमी से बाहर निकालना और उनके बिजनेस आइडिया को हकीकत में बदलने में मदद करना है।

सरकार के अनुसार, देश में वर्तमान समय में 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स को उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) से मान्यता मिल चुकी है। बड़ी संख्या में युवा अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं, लेकिन शुरुआती दौर में पूंजी की कमी और बैंक से लोन लेने के लिए गारंटी की समस्या उनके सामने बड़ी चुनौती बन जाती है। CGSS योजना इसी परेशानी को दूर करने के लिए शुरू की गई है।

क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर स्टार्टअप्स के तहत DPIIT से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से ऋण लेने में सहायता मिलती है। इस योजना में सरकार ऋण की गारंटी देती है, जिससे स्टार्टअप्स को बिना संपत्ति गिरवी रखे फंड प्राप्त करने का मौका मिलता है।

स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं के लिए यह योजना काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। कई बार नए बिजनेस के पास अच्छा आइडिया और बाजार की संभावनाएं होती हैं, लेकिन शुरुआती निवेश नहीं होने के कारण वे आगे नहीं बढ़ पाते। ऐसे उद्यमियों को CGSS के माध्यम से आर्थिक सहारा मिल सकता है।

इस योजना का लाभ लेने के लिए सबसे जरूरी शर्त यह है कि स्टार्टअप को DPIIT से मान्यता प्राप्त होना चाहिए। इसके अलावा स्टार्टअप को निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा करना होगा। योग्य स्टार्टअप जन समर्थ पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया है। इच्छुक उद्यमी पोर्टल पर जाकर योजना से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और संबंधित वित्तीय संस्थान के माध्यम से ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं।

CGSS योजना का उद्देश्य सिर्फ लोन उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि देश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना भी है। सरकार लगातार ऐसी योजनाओं पर जोर दे रही है, जिनसे युवा नए कारोबार शुरू कर सकें और रोजगार के अवसर पैदा हों।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्टार्टअप्स के लिए शुरुआती फंडिंग सबसे बड़ी जरूरत होती है। अगर सही समय पर पूंजी उपलब्ध हो जाए तो छोटे स्तर पर शुरू हुआ कारोबार भी तेजी से आगे बढ़ सकता है। CGSS जैसी योजनाएं नए उद्यमियों के लिए इसी दिशा में मददगार साबित हो सकती हैं।

सरकार की यह पहल भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। बिना गारंटी के बड़े ऋण की सुविधा मिलने से नए बिजनेस आइडिया को बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी और युवाओं को अपना सपना पूरा करने का अवसर मिलेगा।

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