
Mumbai मुंबई : भारतीय फिनटेक क्षेत्र के जाने-माने उद्यमी कुणाल शाह अब मेटा के प्रमुख मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके पास न तो पारंपरिक इंजीनियरिंग डिग्री है और न ही सिलिकॉन वैली में लंबा कॉरपोरेट अनुभव, लेकिन भारत के डिजिटल पेमेंट और कंज्यूमर टेक सेक्टर में दो दशकों से अधिक का उनका अनुभव इस नियुक्ति की मुख्य वजह माना जा रहा है।
इंडस्ट्री के जानकारों के अनुसार, मेटा WhatsApp को केवल मैसेजिंग ऐप तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे एक “सुपर-ऐप” के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। कंपनी का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ते ऑनलाइन पेमेंट मार्केट में अपनी हिस्सेदारी को मजबूत करना है, जिसके लिए उसे ऐसे नेतृत्व की जरूरत थी जो प्रोडक्ट और यूजर बिहेवियर दोनों को गहराई से समझता हो।
मेटा का मानना है कि WhatsApp की वैश्विक पहुंच और उपयोगकर्ता आधार का उपयोग करके एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया जा सकता है जिसमें मैसेजिंग के साथ-साथ पेमेंट, ई-कॉमर्स और अन्य डिजिटल सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध हों। इसी रणनीति के तहत कुणाल शाह की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मेटा के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर क्रिस कॉक्स ने सोमवार को 47 वर्षीय कुणाल शाह की नियुक्ति की घोषणा एक आंतरिक मेमो के जरिए की। रॉयटर्स द्वारा देखे गए इस नोट में कॉक्स ने शाह की तारीफ करते हुए उनके दृष्टिकोण और अनुभव को कंपनी के लिए उपयोगी बताया।
कॉक्स ने अपने संदेश में कहा, “कुणाल के साथ इस बातचीत के दौरान, मैंने उनमें जबरदस्त एंटरप्रेन्योरियल एनर्जी और स्वाभाविक मानवीयता देखी है।” उनके अनुसार, शाह की सोच और उपयोगकर्ता-केंद्रित दृष्टिकोण मेटा के उत्पादों को नए स्तर पर ले जाने में मदद करेगा।
कुणाल शाह लंबे समय से भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक प्रभावशाली नाम रहे हैं। उन्होंने भारत में डिजिटल पेमेंट और उपभोक्ता व्यवहार पर आधारित कई नवाचारों को आगे बढ़ाया है। उनकी सबसे बड़ी पहचान क्रेडिट-आधारित फिनटेक मॉडल को लोकप्रिय बनाने और डिजिटल लेनदेन को सरल बनाने में मानी जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि WhatsApp जैसे विशाल प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी मिलना मेटा की रणनीति में एक बड़ा बदलाव है, जिसमें अब केवल तकनीकी इंजीनियरिंग नहीं बल्कि उपभोक्ता व्यवहार और बाजार की गहरी समझ को प्राथमिकता दी जा रही है।
माना जा रहा है कि शाह के नेतृत्व में WhatsApp में डिजिटल पेमेंट, बिजनेस टूल्स और ई-कॉमर्स इंटीग्रेशन को और तेज़ी से विकसित किया जा सकता है। इससे भारत जैसे बड़े बाजार में कंपनी की स्थिति और मजबूत हो सकती है, जहां WhatsApp पहले से ही एक प्रमुख संचार माध्यम है।
हालांकि कंपनी की ओर से अभी तक इस रणनीति के सभी विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन यह स्पष्ट है कि मेटा मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को एक व्यापक डिजिटल इकोसिस्टम में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
टेक इंडस्ट्री में इस नियुक्ति को लेकर उत्साह भी देखा जा रहा है, क्योंकि यह पहली बार है जब एक भारतीय फिनटेक उद्यमी को इतने बड़े वैश्विक प्लेटफॉर्म की उत्पाद रणनीति में प्रमुख भूमिका दी गई है।
फिलहाल, सभी की नजर इस बात पर है कि कुणाल शाह के नेतृत्व में WhatsApp किस तरह से बदलता है और क्या यह वास्तव में सुपर-ऐप की दिशा में आगे बढ़ पाता है या नहीं।





