
आज फिर से पेट्रोल और डीजल के भाव (Petrol Diesel Price) में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ. दिल्ली में आज पेट्रोल 96.72 रुपए (Petrol price in Delhi) और डीजल 89.62 रुपए प्रति लीटर की कीमत पर बिक रहा है. मुंबई में आज एक लीटर पेट्रोल का दाम 111.35 रुपए और डीजल का दाम 97.28 रुपए है. चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 102.63 रुपए और डीजल की कीमत 94.24 रुपए है. वहीं, कोलकाता में पेट्रोल का दाम 106.03 और डीजल का दाम 92.76 रुपए प्रति लीटर है. इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल इस सप्ताह 119.7 डॉलर के स्तर पर और अमेरिकी WTI क्रूड 118.9 डॉलर के स्तर पर बंद हुआ. अगर अपने शहर में पेट्रोल और डीजल का भाव पता करना है तो यहां क्लिक करें.
महंगे क्रूड ऑयल से राहत के लिए रूस से आयात को डबल करने के बारे में विचार किया जा रहा है. यूक्रेन क्राइसिस के कारण रसियन ऑयल पर प्रतिबंध बढ़ाया जा रहा है. ऐसे में वह सस्ती दरों पर क्रूड ऑयल ऑफर कर रहा है. भारतीय तेल कंपनियां इस ऑफर को ठुकराना नहीं चाहती हैं. माना जा रहा है कि रूस की ऑयल कंपनी रोजनेफ्ट के साथ पब्लिक सेक्टर की तेल कंपनियां अगले छह महीने के लिए करार कर सकती हैं. इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन, रिलायंस इंडस्ट्रीज, नायरा एनर्जी जैसी कंपनियां रूस से तेल आयात को बढ़ाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं.
कोटक इक्विटीज ने ऑयल इंडिया को अपग्रेड करते हुए निवेशकों को स्टॉक में निवेश बढ़ाने की सलाह दी है। आज स्टॉक में करीब 5 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है और ये कारोबार के दौरान 295 के स्तर पर पहुंच गया है. दरअसल ब्रोकिंग फर्म ने कच्चे तेल को लेकर अपने अनुमानों में बदलाव किया है, जिसका असर कंपनी की रेटिंग पर भी दिखा है. ब्रोकिंग फर्म ने 2022-23 के लिए कच्चे तेल के अपने औसत अनुमान को 90 डॉलर प्रति बैरल से बढ़ाकर 105 डॉलर प्रति बैरल कर दिया है. वहीं 2023-24 के लिए कच्चे तेल का अनुमान 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़ाकर 90 डॉलर प्रति बैरल कर दिया गया है. वहीं ब्रोकिंग फर्म ने घरेलू प्राकृतिक गैस के लिए औसत कीमत 8.9 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू कर दी है जिसके लिए पहले 2.6 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू कीमत का अनुमान था.
भारत अपनी जरूरत का 27 फीसदी तेल इराक से, 17 फीसदी सउदी अरब से और 13 फीसदी UAE से आयात करता है. PPAC की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने वित्त वर्ष 2021-22 में अप्रैल से जनवरी के बीच दस महीने में 94.3 बिलियन डॉलर का तेल आयात किया. जनवरी 2022 में ऑयल इंपोर्ट बिल 11.6 बिलियन डॉलर था जो ठीक एक साल पहले यानी जनवरी 2021 में महज 7.7 बिलियन डॉलर था. इस तरह बिल में सालाना आधार पर 50.64 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया. रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021-22 में भारत का ऑयल इंपोर्ट बिल 115 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है.





