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देशभर में कोरोना वायरस (Coronavirus) की दूसरी लहर का खौफ पसरा हुआ है
देशभर में कोरोना वायरस (Coronavirus) की दूसरी लहर का खौफ पसरा हुआ है. इस बीच मरीजों का ऑक्सीजन लेवल गिर रहा है. दूसरी ओर देश भर में कोरोनो वायरस के मामलों में खतरनाक बढ़ोतरी के साथ, डॉक्टर और एक्सपर्ट्स कोविड-19 रोगियों को उनके ब्लड ऑक्सीजन लेवल को ट्रैक करने के लिए घर पर ऑक्सीमीटर का इस्तेमाल करने की सलाह दे रहे हैं.
कई बार लोग Oximeter का इस्तेमाल करते हुए गलती कर बैठते हैं और गलत नतीजे देखकर पैनिक होने लगते हैं. यहां हम आपको ऑक्सीमीटर के इस्तेमाल के सही तरीके की बात कर रहे हैं. केंद्र ने भी COVID-19 रोगी के ब्लड ऑक्सीजन के लेवल को ट्रैक रखने के तरीके के बारे में स्टेप बाई स्टेप इंस्ट्रक्शन शेयर किए हैं ताकि यह समझा जा सके कि मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत है या नहीं.
ऑक्सीमीटर का उपयोग ऑक्सीजन के लेवल और हार्ट रेट को मापने के लिए किया जाता है और कोरोनो वायरस रोगियों के लिए ये बेहद उपयोगी है. कई मामलों में ऑक्सीजन के लेवल में गिरावट के कारण सांस लेने में तकलीफ होती है. अगर आपको भी ऐसी कोई दिक्कत हो रही है तो आप इस तरीके से ऑक्सीमीटर का इस्तेमाल कर सकते हैं…
The pulse oximeter is used to measure the oxygen level (oxygen saturation) of the blood. But do you know how does it work? Take a look! #IndiaFightsCorona pic.twitter.com/YAToaH8hIq
— MyGovIndia (@mygovindia) April 24, 2021
अपनी उंगली ऑक्सीमीटर के अंदर डालने से पहले नेल पॉलिश, नकली नाखूनों को हटाकर, हाथों को अच्छी तरह से साबुन से धो लें.
माप लेने से पहले, कम से कम पांच मिनट के लिए आराम करना चाहिए.
अपने हाथ को अपनी सीने पर रखकर आराम दें और कुछ देर ऐसे ही रहें.
अब ऑक्सीमीटर पर मिडिल या इंडेक्स फिंगर लगाएं करें और इसे चेक करें.
रीडिंग में उतार-चढ़ाव हो सकता है, इसके स्टेबल होने की प्रतीक्षा करें. यदि रीडिंग स्थिर न हो तो ऑक्सीमीटर को कम से कम एक मिनट या उससे अधिक समय तक रखें.
अगर पांच सेकंड तक रिजल्ट नहीं बदला है तो इसकी रीडिंग नोट करें.
एक्सपर्ट्स के अनुसार, हर छह घंटे में ऑक्सीजन के लेवल पर नजर रखने की जरूरत है. बेसलाइन सैचुरेशन 94 प्रतिशत से नीचे नहीं होनी चाहिए. यदि यह 94 प्रतिशत से कम है, तो डॉक्टर से संपर्क करने की आवश्यकता हो सकती है.
घर पर बेहतर ऑक्सीजनेशन के लिए, केंद्र ने COVID-19 रोगियों को 4-5 तकिए के सहारे अपने पेट के बल लेटने को कहा है. इसे 'proning' के रूप में जाना जाता है. कोविड -19 रोगियों को 6 मिनट का वॉक टेस्ट लेने के लिए भी कहा गया है, जिसमें मरीज को कमरे के अंदर 6 मिनट चलकर बाद में ऑक्सीजन के लेवल की जांच करनी चाहिए. यदि 4 प्रतिशत या उससे अधिक का उतार-चढ़ाव होता है, तो अस्पताल में जाने की आवश्यकता हो सकती है.
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