
Business: अगर आप लंबे समय से सोना खरीदने का इंतजार कर रहे हैं और सोच रहे हैं कि कीमतें थोड़ी कम हों तो खरीदारी की जाए, तो आपके लिए यह समय महत्वपूर्ण हो सकता है। मंगलवार को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि केवल कीमतों में गिरावट देखकर तुरंत खरीदारी करना सही रणनीति नहीं होगी। निवेशकों को कुछ और संकेतों का इंतजार करना चाहिए।
सोना और चांदी की कीमतों में आई गिरावट
मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी के दामों में कमजोरी देखने को मिली। सोने की अगस्त डिलीवरी कीमत में करीब 1,417 रुपये यानी 0.96 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद सोना लगभग 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, चांदी की सितंबर डिलीवरी कीमत में भी बड़ी गिरावट आई। चांदी करीब 3,648 रुपये यानी 1.55 प्रतिशत टूटकर 2.32 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार करती नजर आई।
घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी दबाव में रहे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड फ्यूचर्स करीब 1.04 प्रतिशत गिरकर 4,122.10 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि सिल्वर फ्यूचर्स में 2.11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
क्या अभी खरीदारी करना सही फैसला है?
सोने और चांदी में निवेश करने वाले लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मौजूदा गिरावट के बाद खरीदारी शुरू कर देनी चाहिए या फिर और गिरावट का इंतजार करना चाहिए। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अभी जल्दबाजी में बड़ा निवेश करने से बचना बेहतर हो सकता है। DSP Netra की जुलाई मार्केट रिपोर्ट में सोना और चांदी दोनों पर न्यूट्रल रुख रखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कीमतों में गिरावट जरूर आई है, लेकिन निवेश बढ़ाने के लिए अभी और स्पष्ट संकेतों का इंतजार करना चाहिए।
रिपोर्ट में बताया गया है कि सोना अपनी अनुमानित उचित कीमत (Fair Value) से करीब 10.7 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है। वहीं, चांदी अपनी उचित कीमत से करीब 21.8 प्रतिशत नीचे है। इसके बावजूद विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में स्थिरता आने के बाद निवेश का फैसला लेना ज्यादा बेहतर होगा।
आगे बढ़ेगा सोना या आएगी और गिरावट?
मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह के मुताबिक, MCX पर सोना फिलहाल कंसोलिडेशन फेज में है। यानी कीमतें एक सीमित दायरे में ऊपर-नीचे हो रही हैं और बाजार अगली बड़ी चाल का इंतजार कर रहा है।
उनके अनुसार, सोने के लिए 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर मजबूत सपोर्ट बना हुआ है। वहीं, 1.48 लाख रुपये के आसपास बड़ा रेजिस्टेंस स्तर है। अगर सोना इस स्तर को मजबूती के साथ पार कर लेता है तो इसकी कीमत 1.50 लाख से 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकती है।
गिरावट के पीछे क्या रहे कारण?
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण बताए जा रहे हैं। अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इसके अलावा महंगाई के आंकड़ों को लेकर भी बाजार में चिंता बनी हुई है। भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने भी सोने की कीमतों पर दबाव डाला है। डॉलर मजबूत होने पर आमतौर पर सोने की मांग प्रभावित होती है, जिससे कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है।
फेड के फैसले पर टिकी बाजार की नजर
अब निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक के मिनट्स पर है। इससे यह संकेत मिल सकता है कि आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर क्या रणनीति अपनाई जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोना लंबे समय में सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन मौजूदा बाजार में चरणबद्ध तरीके से निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है। कीमतों में स्थिरता और बाजार के संकेतों को देखते हुए ही बड़ा फैसला लेना चाहिए।





