
बेंगलुरु : कर्नाटक सरकार ने राज्य को सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बड़े और मध्यम उद्योग मंत्री एमबी पाटिल ने गुरुवार को घोषणा की कि कर्नाटक के महत्वाकांक्षी सेमीकंडक्टर पार्क का पहला चरण इस साल दिसंबर तक शुरू हो जाएगा।
यह सेमीकंडक्टर पार्क KWIN सिटी के पहले चरण के तहत विकसित किया जा रहा है और करीब 200 एकड़ क्षेत्र में फैला होगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस परियोजना के माध्यम से राज्य में अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, सेमीकंडक्टर उत्पादन और संबंधित उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए।
मंत्री एमबी पाटिल ने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र भविष्य की तकनीकी अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और कर्नाटक इस क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पहले ही सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ESDM) क्षेत्र में बड़े निवेश को मंजूरी दी है।
करीब दो साल पहले राज्य सरकार ने सेमीकंडक्टर और ESDM सेक्टर में 23,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षमता को बढ़ाना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना और कर्नाटक को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत स्थान दिलाना है।
सेमीकंडक्टर पार्क को राज्य की औद्योगिक विकास रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। दुनिया भर में चिप निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारें इस क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा दे रही हैं।
कर्नाटक पहले से ही देश का प्रमुख आईटी और टेक्नोलॉजी हब है। बेंगलुरु में बड़ी संख्या में आईटी कंपनियां, स्टार्टअप और अनुसंधान संस्थान मौजूद हैं। ऐसे में सेमीकंडक्टर पार्क के शुरू होने से राज्य के तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मंत्री ने कहा कि KWIN सिटी परियोजना को आधुनिक बुनियादी ढांचे और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण के साथ विकसित किया जा रहा है। सेमीकंडक्टर पार्क में कंपनियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को आकर्षित किया जा सके।
सेमीकंडक्टर उद्योग में चिप डिजाइन, निर्माण, परीक्षण और पैकेजिंग जैसे कई क्षेत्र शामिल होते हैं। इस क्षेत्र के विकास से इंजीनियरिंग, अनुसंधान, तकनीकी सेवाओं और विनिर्माण से जुड़े हजारों रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सेमीकंडक्टर पार्क के शुरू होने से कर्नाटक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है। वर्तमान में वैश्विक स्तर पर चिप आपूर्ति को लेकर कई चुनौतियां सामने आई हैं, जिसके कारण देश अपने घरेलू उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।
राज्य सरकार की योजना केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को विकसित करने की है। इसमें शोध एवं विकास, कौशल प्रशिक्षण, आपूर्ति श्रृंखला और सहायक उद्योगों को बढ़ावा देना भी शामिल है।
KWIN सिटी को भी एक भविष्य के औद्योगिक और तकनीकी केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। सरकार का मानना है कि यहां स्थापित होने वाले उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे।
कर्नाटक में पहले से मौजूद कुशल तकनीकी मानव संसाधन इस परियोजना के लिए एक बड़ी ताकत माना जा रहा है। आईटी, इंजीनियरिंग और अनुसंधान के क्षेत्र में राज्य की मजबूत पकड़ से सेमीकंडक्टर कंपनियों को यहां निवेश के लिए आकर्षित करने में मदद मिल सकती है।
उद्योग जगत ने भी राज्य सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े पैमाने पर निवेश आने से न केवल प्रत्यक्ष रोजगार बढ़ेंगे, बल्कि छोटे और मध्यम उद्योगों को भी नए अवसर मिलेंगे।
फिलहाल सरकार का लक्ष्य दिसंबर तक सेमीकंडक्टर पार्क के पहले चरण को शुरू करना है। इसके बाद परियोजना के अगले चरणों पर काम आगे बढ़ाया जाएगा। यह पहल कर्नाटक को देश के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण केंद्रों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





