
Karnataka कर्नाटक: आईटी-बीटी मंत्री प्रियांक खड़गे ने गुरुवार को स्पेसटेक इकोसिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से एक हाई-लेवल कंसल्टेशन मीटिंग की अध्यक्षता की। इस बैठक में स्टार्टअप्स, इंडस्ट्री प्रतिनिधियों, एकेडेमिया और विभिन्न संस्थागत हितधारकों ने हिस्सा लिया और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक की शुरुआत हाल ही में लॉन्च किए गए स्पेस टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के विस्तृत परिचय के साथ हुई। इसके बाद नई अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था (New Space Economy) में उभरते अवसरों, आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, स्किल डेवलपमेंट, टेस्टिंग सुविधाओं और डेटा-आधारित अवसरों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
इस कंसल्टेशन में सबसे प्रमुख चर्चा का विषय कर्नाटक में एक कॉमन असेंबली, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी स्थापित करना रहा। यह सुविधा विशेष रूप से स्टार्टअप्स और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को ध्यान में रखते हुए विकसित की जाएगी, जिससे उन्हें फंक्शनल और पर्यावरणीय परीक्षण (Environmental Testing) के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर मिल सके।
मंत्रालय की ओर से बताया गया कि बेंगलुरु के आसपास उपयुक्त भूमि के टुकड़ों का मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। इसके लिए आने वाले हफ्तों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत काम शुरू होने की संभावना है।
सरकार का मानना है कि इस तरह की अत्याधुनिक टेस्टिंग और इंटीग्रेशन सुविधा से न केवल स्टार्टअप्स को लाभ मिलेगा, बल्कि राज्य में स्पेस टेक्नोलॉजी सेक्टर को भी नई गति मिलेगी। इससे नवाचार, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बैठक में शामिल विशेषज्ञों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि भारत में बढ़ते स्पेस स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए मजबूत टेस्टिंग और प्रोडक्शन इंफ्रास्ट्रक्चर बेहद जरूरी है। इससे घरेलू कंपनियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर, यह बैठक कर्नाटक को एक उभरते हुए स्पेसटेक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिसमें सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत मिलकर काम करेंगे।





