
Business बिजनेस: फार्मा सेक्टर की कंपनी जुबिलेंट फार्मोवा लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में बेहतर वित्तीय नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी को यह वृद्धि उसके रेडियोफार्मा और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग व्यवसाय में आई मजबूती से मिली है।
कंपनी की फाइलिंग के अनुसार, मार्च तिमाही में परिचालन से कुल राजस्व साल-दर-साल आधार पर 5.1 प्रतिशत बढ़कर 1,804 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 1,717 करोड़ रुपये था।
शुद्ध लाभ की बात करें तो कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 11 प्रतिशत बढ़कर 68 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष इसी तिमाही में यह 61 करोड़ रुपये था। वहीं, कर पूर्व लाभ (PBT) में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई और यह 78 प्रतिशत बढ़कर 103 करोड़ रुपये हो गया।
तिमाही के दौरान EBITDA 272 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 255 करोड़ रुपये की तुलना में 6.7 प्रतिशत अधिक है। यह कंपनी के ऑपरेशनल प्रदर्शन में सुधार को दर्शाता है।
कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया कि तिमाही के दौरान 8.7 करोड़ रुपये का नुकसान एक एसोसिएट में निवेश से जुड़ा एक विशेष (exceptional) आइटम के रूप में दर्ज किया गया। इसके अलावा फाइनेंस कॉस्ट और टैक्स से जुड़े एडजस्टमेंट्स ने भी कुल मुनाफे पर आंशिक प्रभाव डाला।
सीक्वेंशियल और वार्षिक तुलना को लेकर कंपनी ने अपने फाइलिंग में Q3 FY26 के पूर्ण तुलनात्मक आंकड़े साझा नहीं किए। हालांकि, कंपनी ने कहा कि पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान ऑपरेशनल रिकवरी और कम एक्सेप्शनल चार्जेज के कारण लाभप्रदता में सुधार हुआ है।
कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए प्रति इक्विटी शेयर 5 रुपये के डिविडेंड की सिफारिश भी की है, जो शेयरधारकों की मंजूरी के बाद लागू होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, रेडियोफार्मा और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेगमेंट में मजबूत मांग कंपनी की ग्रोथ का मुख्य आधार बनी हुई है। आने वाले समय में इस प्रदर्शन को बनाए रखने के लिए कंपनी दक्षता और विस्तार रणनीति पर फोकस कर सकती है।





