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तीन महीने बाद बढ़ी टैलेंट की मांग
नई दिल्ली: भारत के रोजगार बाजार में जुलाई महीने में सुधार के संकेत देखने को मिले हैं। लगातार तीन महीने की गिरावट के बाद हायरिंग डिमांड में दोबारा तेजी दर्ज की गई है। खासतौर पर आईटी और व्हाइट-कॉलर नौकरियों के क्षेत्र में कंपनियों की भर्ती गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, जुलाई 2026 में आईटी सेक्टर की हायरिंग में सालाना आधार पर बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि कुल व्हाइट-कॉलर हायरिंग में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिला।
तीन महीने की सुस्ती के बाद लौटी रफ्तार
पिछले कुछ महीनों में कंपनियां आर्थिक अनिश्चितताओं, लागत नियंत्रण और वैश्विक बाजार की चुनौतियों के कारण नई भर्तियों में सतर्कता बरत रही थीं। इसका असर जॉब पोस्टिंग और भर्ती गतिविधियों पर पड़ा था।
हालांकि जुलाई में कंपनियों ने दोबारा नई नियुक्तियों पर ध्यान बढ़ाया है। टेक सेक्टर में सक्रिय नौकरियों की संख्या में भी सुधार दर्ज किया गया।
IT सेक्टर में बढ़ी मांग
आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में जुलाई के दौरान हायरिंग में सुधार देखने को मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, आईटी हायरिंग में सालाना आधार पर वृद्धि दर्ज की गई, जिससे संकेत मिलता है कि कंपनियां डिजिटल, AI और टेक्नोलॉजी से जुड़े पदों पर निवेश बढ़ा रही हैं।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह रिकवरी अभी शुरुआती चरण में है और सभी क्षेत्रों में समान गति से सुधार नहीं आया है।
AI और नई टेक्नोलॉजी से जुड़े पदों की मांग
कंपनियों का फोकस अब पारंपरिक नौकरियों के साथ-साथ AI, डेटा एनालिटिक्स, ऑटोमेशन और डिजिटल स्किल वाले उम्मीदवारों पर बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में उन्हीं उम्मीदवारों की मांग ज्यादा रह सकती है, जिनके पास नई तकनीकों से जुड़ी स्किल होंगी।
फेस्टिव सीजन से भी मिली मजबूती
भारत में त्योहारी सीजन से पहले कंपनियां अस्थायी और सपोर्ट स्टाफ की भर्ती भी बढ़ा रही हैं। ई-कॉमर्स, रिटेल, लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी सेक्टर में अतिरिक्त कर्मचारियों की मांग बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
अभी भी चुनौतियां बरकरार
हालांकि हायरिंग में सुधार हुआ है, लेकिन नौकरी बाजार पूरी तरह मजबूत स्थिति में नहीं पहुंचा है। कुछ सेक्टरों में कंपनियां अभी भी सावधानी से भर्ती कर रही हैं और केवल जरूरत वाले पदों पर नियुक्तियां कर रही हैं।
युवाओं के लिए क्या संकेत?
जुलाई की तेजी नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। विशेषज्ञों की सलाह है कि उम्मीदवार अपनी डिजिटल स्किल, कम्युनिकेशन और इंडस्ट्री से जुड़ी क्षमताओं को मजबूत करें, ताकि बढ़ते अवसरों का फायदा उठा सकें।
कुल मिलाकर, तीन महीने की गिरावट के बाद हायरिंग में आई तेजी भारतीय रोजगार बाजार में धीरे-धीरे लौटते भरोसे का संकेत दे रही है।
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