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बिजनेस : देश के सबसे बड़े कॉरपोरेट घरानों में शामिल **रिलायंस इंडस्ट्रीज** के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मुकेश अंबानी की कंपनी **Jio Platforms** को अपने बहुप्रतीक्षित IPO के लिए बाजार नियामक **SEBI (भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड)** से मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी के साथ ही Jio के शेयर बाजार में उतरने का रास्ता साफ हो गया है।
Jio IPO को लेकर निवेशकों में लंबे समय से उत्सुकता बनी हुई थी। माना जा रहा है कि यह IPO भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बन सकता है। कंपनी करीब **3.8 अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये)** जुटाने की योजना बना रही है।
भारत के सबसे बड़े IPO की तैयारी
SEBI की मंजूरी मिलने के बाद Jio Platforms अब IPO की अगली प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह इश्यू करीब **270 मिलियन शेयरों** के साथ आ सकता है। अगर तय अनुमान के मुताबिक यह IPO बाजार में आता है तो यह भारत के अब तक के सबसे बड़े IPO का रिकॉर्ड बना सकता है।
इससे पहले भारत में सबसे बड़े IPO में हुंडई मोटर इंडिया का नाम शामिल रहा है। Jio का प्रस्तावित IPO उससे भी बड़ा हो सकता है।
Jio IPO से क्यों उत्साहित हैं निवेशक?
Jio ने कुछ ही वर्षों में भारतीय टेलीकॉम और डिजिटल सेक्टर में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी के पास करोड़ों ग्राहक हैं और यह देश की सबसे बड़ी डिजिटल कंपनियों में शामिल हो चुकी है।
Jio Platforms के पास टेलीकॉम के अलावा कई डिजिटल सेवाएं भी हैं, जिनमें:
* मोबाइल नेटवर्क सेवा
* डिजिटल एंटरटेनमेंट
* क्लाउड सर्विस
* एंटरप्राइज नेटवर्क
* डिजिटल प्लेटफॉर्म
शामिल हैं।
IPO से मिलने वाले पैसों का क्या होगा इस्तेमाल?
रिपोर्ट्स के अनुसार, Jio IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने कारोबार को मजबूत करने और कर्ज घटाने में कर सकती है।
कंपनी की योजना लगभग **275 अरब रुपये (करीब 3.3 अरब डॉलर)** के कर्ज भुगतान में IPO से मिलने वाली राशि का उपयोग करने की है।
इसके अलावा कंपनी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, नई तकनीक और भविष्य की सेवाओं में निवेश बढ़ा सकती है।
Jio Platforms में किसकी कितनी हिस्सेदारी?
Jio Platforms में रिलायंस इंडस्ट्रीज की बड़ी हिस्सेदारी है। रिपोर्ट्स के अनुसार रिलायंस की हिस्सेदारी करीब **66.4 प्रतिशत** है। वहीं वैश्विक कंपनियां Meta और Google भी Jio में निवेश कर चुकी हैं।
Jio में बड़े विदेशी निवेशकों की मौजूदगी ने भी कंपनी की वैल्यू को मजबूत किया है।
मुकेश अंबानी के लिए बड़ा कदम
Jio IPO मुकेश अंबानी के डिजिटल विजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। साल 2016 में टेलीकॉम सेक्टर में एंट्री के बाद Jio ने बेहद कम समय में बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाई।
अब शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद कंपनी की अलग वैल्यूएशन सामने आएगी और निवेशकों को Jio के कारोबार में सीधे हिस्सेदारी खरीदने का मौका मिलेगा।
ग्राहकों के साथ निवेशकों की भी नजर
Jio की लोकप्रियता सिर्फ टेलीकॉम तक सीमित नहीं है। कंपनी डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर भी तेजी से काम कर रही है।
निवेशकों को उम्मीद है कि IPO के बाद Jio की ग्रोथ, कमाई और भविष्य की योजनाओं को लेकर ज्यादा पारदर्शिता आएगी।
क्या आम निवेशकों को मिलेगा मौका?
IPO आने के बाद आम निवेशक भी Jio Platforms के शेयर खरीदने के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, शेयर का प्राइस बैंड, लॉट साइज और IPO की तारीख की जानकारी कंपनी की ओर से बाद में जारी की जाएगी।
निवेशकों को किसी भी IPO में पैसा लगाने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन और जोखिमों को समझना जरूरी होता है।
भारतीय शेयर बाजार के लिए क्यों खास है Jio IPO?
Jio IPO सिर्फ एक कंपनी की लिस्टिंग नहीं बल्कि भारतीय डिजिटल सेक्टर के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। यह दिखाएगा कि भारत की डिजिटल कंपनियां किस स्तर तक पहुंच चुकी हैं।
अगर यह IPO सफल रहता है तो इससे भारतीय पूंजी बाजार में विदेशी और घरेलू निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है।
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