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जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO ने बनाया नया रिकॉर्ड

Kiran
25 Oct 2026 9:39 AM IST
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO ने बनाया नया रिकॉर्ड
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MUMBAI मुंबई: सूत्रों ने बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स के मेगा इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) ने एक वैश्विक रिकॉर्ड बनाया है। इश्यू बंद होने में अभी पांच घंटे बाकी हैं, लेकिन अब तक एक करोड़ से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। इस ऑफरिंग ने वारी एनर्जीज (Waaree Energies) के लगभग 97 लाख आवेदनों के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। यह दुनिया का पहला पब्लिक इश्यू बन गया है, जिसने एक करोड़ आवेदनों का आंकड़ा पार किया है।
सूत्रों के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स ने बजाज हाउसिंग फाइनेंस सहित भारत के पिछले रिकॉर्ड धारकों को भी पीछे छोड़ दिया है। इसे निवेशकों की उस दिलचस्पी के टेस्ट के रूप में देखा जा रहा है, जो वे बड़ी लिस्टिंग में दिखाते हैं। यह ऐसे समय में हो रहा है जब AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़े शेयरों की कड़ी जांच-पड़ताल की जा रही है। शुक्रवार दोपहर 12:03 बजे तक, जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में 19.75 करोड़ शेयरों के ऑफर के मुकाबले 136.32 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां (bids) लगाई गईं। यानी कुल सब्सक्रिप्शन लगभग सात गुना रहा।
इसमें इंस्टीट्यूशनल (संस्थागत) निवेशकों की मांग सबसे आगे रही। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) ने 4.90 करोड़ आरक्षित शेयरों के मुकाबले 70.85 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई, जो कि 14.46 गुना है। इसमें घरेलू वित्तीय संस्थानों (बैंकों, FIs और बीमा कंपनियों) की हिस्सेदारी 34.51 करोड़ शेयरों की रही, जबकि विदेशी इंस्टीट्यूशनल निवेशकों ने 26.95 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई। म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 4.40 करोड़ शेयरों के साथ काफी कम रही। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) की ओर से 9.45 गुना बोलियां आईं। रिटेल व्यक्तिगत निवेशकों ने 8.50 करोड़ शेयरों के ऑफर के मुकाबले 17.19 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई, जो कि 2.02 गुना है। शेयरधारकों के लिए आरक्षित हिस्सा 5.68 गुना सब्सक्राइब हुआ, जबकि कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्सा 2.48 गुना सब्सक्राइब हुआ।
इस IPO में पूरी तरह से 27 करोड़ नए शेयरों का इश्यू शामिल है। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर, जियो प्लेटफॉर्म्स लगभग 30,213 करोड़ रुपये जुटाएगा और इसकी वैल्यूएशन लगभग 108 अरब अमेरिकी डॉलर होगी। इस ऑफरिंग में न तो पैरेंट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और न ही इसके अन्य मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेच रहे हैं। 19 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स ने 212 एंकर निवेशकों से लगभग 8,110 करोड़ रुपये जुटाए। इसके लिए कंपनी ने 1,119 रुपये प्रति शेयर की दर से शेयर आवंटित किए, जो तय प्राइस बैंड की ऊपरी सीमा थी।
खबरों के अनुसार, एंकर बुक में 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां आईं, जो आवंटित किए जाने वाले शेयरों की तुलना में 30 गुना से भी ज्यादा थीं। इन निवेशकों में ब्लैक रॉक, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, जीआईसी (GIC) और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे वैश्विक एसेट मैनेजर और सॉवरेन वेल्थ फंड शामिल थे। जियो प्लेटफॉर्म्स जुटाई गई रकम में से 27,500 करोड़ रुपये तक का इस्तेमाल अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज को चुकाने के लिए करेगी। बाकी बची रकम का उपयोग पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) के लिए किया जाएगा, जिसमें टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेवाओं में निवेश तथा वर्किंग कैपिटल की जरूरतें शामिल हैं।
जेपीएल (JPL) के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने हाल ही में कहा था कि जियो प्लेटफॉर्म्स को भरोसा है कि उसकी टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड से जुड़ी योजनाएं उसे टेलीकॉम के दायरे से बाहर भी विकास की ओर ले जाएंगी। पीटीआई (PTI) के साथ एक इंटरव्यू में अंबानी ने कहा, "जियो में कोई 'यह या वह' वाली स्थिति नहीं है: हमारा नेटवर्क ही हमारी टेक्नोलॉजी है।" उन्होंने कंपनी के इन-हाउस 5G कोर, क्लाउड-नेटिव रेडियो एक्सेस नेटवर्क और सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म का जिक्र किया, जो 533.3 मिलियन ग्राहकों को सेवाएं दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, "कनेक्टिविटी पहला प्रोडक्ट था जिसे हमने उस प्लेटफॉर्म पर तैयार किया था। अब हम इसके ऊपर डिजिटल सेवाएं, AI और क्लाउड जैसी चीजें जोड़ रहे हैं।" रिलायंस परिवार जियो, अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज का हिस्सा है। भारतीय निवेशक अक्सर इस कंपनी को लंबे समय में संपत्ति बनाने वाली कंपनी के रूप में देखते हैं। LSEG के आंकड़ों के अनुसार, 2006 से अब तक रिलायंस के शेयरों ने लगभग 900 प्रतिशत का रिटर्न दिया है, जो बेंचमार्क निफ्टी इंडेक्स के 685 प्रतिशत रिटर्न से कहीं बेहतर है।
जियो का टेलीकॉम कारोबार 2016 में शुरू हुआ था। इसने मुफ्त वॉयस कॉल और डेटा देकर बाजार में बड़ी हलचल मचा दी, जिससे भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया जैसी प्रतिस्पर्धी कंपनियों को तगड़ा झटका लगा। आज, एक ही देश में ग्राहकों की संख्या के लिहाज से, जियो के 500 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ता हैं, जो चीन मोबाइल (China Mobile) के बाद दुनिया में दूसरे स्थान पर हैं। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार तक IPO के रिटेल हिस्से को दो गुना सब्सक्राइब किया गया था, कर्मचारियों के कोटे के लिए पेश किए गए शेयरों से 2.5 गुना ज्यादा बोलियां मिलीं, और रिलायंस के मौजूदा शेयरधारकों के कोटे को 5.7 गुना सब्सक्राइब किया गया। रिलायंस की स्थापना आकाश के दादा धीरूभाई अंबानी ने की थी। 1980 के दशक में मुंबई के खुले मैदानों में बड़े पैमाने पर बैठकें करके उन्होंने शेयरधारकों के बीच कंपनी की एक मजबूत ब्रांड छवि बनाई थी। 2002 में उनका निधन हो गया। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, 1977 में कंपनी की लिस्टिंग ने "भारत में इक्विटी कल्चर की शुरुआत" करके इतिहास रच दिया था।
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