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ज्वेलरी स्टॉक्स में लगातार दूसरे दिन गिरावट, थंगमायिल ज्वेलरी 8% से ज्यादा टूटा

Kavita2
13 May 2026 12:16 PM IST
ज्वेलरी स्टॉक्स में लगातार दूसरे दिन गिरावट, थंगमायिल ज्वेलरी 8% से ज्यादा टूटा
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New Delhi नई दिल्ली : शेयर बाजार में मंगलवार को ज्वेलरी सेक्टर के स्टॉक्स में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। कई प्रमुख ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में तेज दबाव देखने को मिला, जिसमें थंगमायिल ज्वेलरी में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 8 प्रतिशत से अधिक टूट गया।

बाजार में यह गिरावट ऐसे समय आई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) द्वारा वेस्ट एशिया संकट के बीच विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के उद्देश्य से एक साल के लिए सोना खरीदने से बचने की अपील की चर्चा बाजार में रही। इस कथित संकेत के बाद निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई और ज्वेलरी स्टॉक्स पर दबाव बढ़ गया।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (Bombay Stock Exchange) पर कारोबार के दौरान थंगमायिल ज्वेलरी के शेयर 8.32 प्रतिशत गिरकर बंद हुए। इसके साथ ही अन्य ज्वेलरी कंपनियों में भी समान रुझान देखने को मिला।

सेन्को गोल्ड के शेयर 6.39 प्रतिशत, पीसी ज्वैलर के शेयर 6.19 प्रतिशत, कल्याण ज्वैलर्स के शेयर 6.10 प्रतिशत और स्काई गोल्ड एंड डायमंड्स के शेयर 5.94 प्रतिशत तक गिर गए। वहीं, त्रिभुवनदास भीमजी ज़वेरी के शेयर 5.89 प्रतिशत और टाइटन कंपनी के शेयर 3.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ज्वेलरी सेक्टर में यह गिरावट निवेशकों की सतर्कता और नीतिगत संकेतों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण आई है। सोने की मांग से जुड़े किसी भी तरह के नीतिगत बदलाव या संकेत सीधे तौर पर इस सेक्टर की कंपनियों के शेयर प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं।

विश्लेषकों के अनुसार, भारत में ज्वेलरी उद्योग का सीधा संबंध सोने की कीमतों और उसकी उपलब्धता से होता है। ऐसे में जब भी सोने की खरीद या आयात से जुड़े संकेत सामने आते हैं, तो इसका असर शेयर बाजार में तुरंत दिखाई देता है।

थंगमायिल ज्वेलरी (Thangamayil Jewellery) जैसे मिड-साइज़ रिटेलर्स पर इस गिरावट का असर अधिक देखने को मिला, जबकि बड़े खिलाड़ियों जैसे टाइटन कंपनी (Titan Company) में अपेक्षाकृत सीमित गिरावट रही, लेकिन दबाव फिर भी बना रहा।

निवेशकों का कहना है कि फिलहाल बाजार में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है और वे आगे के संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। खासकर वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति और सोने की नीतियों को लेकर स्पष्टता आने के बाद ही स्थिति स्थिर हो सकती है।

ब्रोकरेज हाउसों का मानना है कि अल्पकाल में ज्वेलरी स्टॉक्स में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, लेकिन दीर्घकाल में त्योहारी मांग और शादी सीजन के कारण सेक्टर में रिकवरी संभव है।

फिलहाल निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और बाजार की दिशा आगामी आर्थिक और नीतिगत संकेतों पर निर्भर करेगी।

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