व्यापार

भारतीय रुपये की कमजोरी पर जेफरीज का विश्लेषण, घरेलू SIP इनफ्लो को बताया बड़ा कारण

Kavita2
24 May 2026 4:48 PM IST
भारतीय रुपये की कमजोरी पर जेफरीज का विश्लेषण, घरेलू SIP इनफ्लो को बताया बड़ा कारण
x

Business बिजनेस: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने भारतीय रुपये में हालिया कमजोरी को लेकर एक अहम विश्लेषण जारी किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रुपये पर दबाव मुख्य रूप से कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों या करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) की चिंताओं के कारण नहीं है।

जेफरीज के अनुसार, भारतीय रुपये की कमजोरी का बड़ा कारण घरेलू निवेश प्रवाह में आया बदलाव है। ब्रोकरेज का कहना है कि म्यूचुअल फंड्स में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए लगातार मजबूत इनफ्लो देखने को मिल रहा है, जिससे घरेलू इक्विटी बाजारों में निवेश बढ़ रहा है। इसके चलते विदेशी निवेशकों को भारतीय बाजारों से अपनी हिस्सेदारी कम करने का अवसर मिल रहा है, जिसका असर रुपये पर दबाव के रूप में दिखाई दे रहा है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI), प्राइवेट इक्विटी फर्म और विदेशी प्रमोटर पिछले दो वर्षों से भारतीय इक्विटी बाजारों में अपनी हिस्सेदारी लगातार घटा रहे हैं। यह प्रवृत्ति रुपये पर अतिरिक्त दबाव पैदा कर रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी के बावजूद विदेशी पूंजी की निकासी मुद्रा बाजार में अस्थिरता पैदा कर रही है। हालांकि, भारतीय बाजारों में रिटेल निवेशकों की सक्रियता और SIP के माध्यम से आ रहे स्थिर फंड फ्लो को लंबी अवधि के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

जेफरीज का यह भी कहना है कि यह स्थिति भारतीय अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव को दर्शाती है, जहां घरेलू निवेशक बाजार का बड़ा आधार बनते जा रहे हैं, जबकि विदेशी निवेशकों की भूमिका तुलनात्मक रूप से कम होती दिख रही है।

कुल मिलाकर, रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि रुपये की मौजूदा कमजोरी केवल बाहरी आर्थिक कारणों से नहीं, बल्कि निवेश प्रवाह के संतुलन में बदलाव का परिणाम भी है।

Next Story