
व्यापार | भारत की प्रमुख आईटी कंपनियों में से एक, कोफोर्ज को आयकर विभाग से एक बड़ा झटका लगा है। विभाग ने कंपनी को 184.98 करोड़ रुपये का टैक्स भरने का नोटिस जारी किया है। इस नोटिस के बाद कंपनी ने इस आरोप पर विरोध जताया और दावा किया कि उनकी ओर से दी गई सभी जानकारी पूरी तरह सही और पारदर्शी है।
कोफोर्ज ने आयकर विभाग के इस कदम को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई और कहा कि विभाग ने जिन आंकड़ों के आधार पर यह टैक्स का निर्धारण किया है, वह पूरी तरह से गलत हैं। कंपनी ने इसे एक असंगत फैसला बताते हुए, अपनी ओर से सटीक जानकारी और दस्तावेज़ पेश किए हैं, जिनके आधार पर कंपनी का टैक्स अलग हो सकता था।
हालांकि, आयकर विभाग ने इस नोटिस के बाद मामले की जांच को और सख्ती से आगे बढ़ाया है। अब कोफोर्ज को इस विवाद को सुलझाने के लिए विभाग के साथ मिलकर दस्तावेज़ और आंकड़े पेश करने होंगे, ताकि इस टैक्स निर्धारण को लेकर कोई समाधान निकल सके।
कंपनी के लिए यह कदम एक बड़ा वित्तीय और कानूनी चुनौती बन सकता है। अगर यह विवाद लंबा चलता है, तो इसका प्रभाव कोफोर्ज के व्यावसायिक गतिविधियों और इसके वित्तीय स्थिति पर भी पड़ सकता है।





