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ऑनलाइन iPhone खरीदने वाले सावधान!
ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान बड़ी छूट देखकर महंगा स्मार्टफोन खरीदना कई ग्राहकों को आकर्षक लगता है। खासकर Flipkart और Amazon की सेल में iPhone पर मिलने वाले ऑफर्स लोगों का ध्यान खींचते हैं। लेकिन फोन खरीदने के बाद ग्राहकों के मन में यह सवाल भी उठ सकता है कि उन्हें मिला डिवाइस असली है या नहीं, उसकी वारंटी सही है या नहीं और कहीं फोन पहले इस्तेमाल किया हुआ तो नहीं है। ऐसी स्थिति में कुछ आसान जांच करके फोन के बारे में अहम जानकारी हासिल की जा सकती है।
Apple अपने डिवाइस का सीरियल नंबर और IMEI जैसी पहचान संबंधी जानकारी उपलब्ध कराता है। इसके अलावा कंपनी की वेबसाइट से वारंटी और सर्विस कवरेज की जानकारी भी जांची जा सकती है। हालांकि, केवल सीरियल नंबर का सही दिखाई देना फोन के असली होने का अंतिम प्रमाण नहीं है। इसलिए खरीदारी के बाद एक से ज्यादा तरीकों से जांच करना बेहतर रहता है।
1. सबसे पहले सीरियल नंबर चेक करें
iPhone असली है या नहीं, इसकी शुरुआती जांच के लिए फोन की सेटिंग में जाएं। इसके बाद Settings (सेटिंग्स) में General (जनरल) और फिर About (अबाउट) पर टैप करें। यहां आपको फोन का सीरियल नंबर, IMEI, मॉडल नंबर और अन्य जानकारी मिल जाएगी।
इसके बाद Apple की आधिकारिक वेबसाइट Check Coverage पर जाएं और फोन का सीरियल नंबर दर्ज करें। यहां उपलब्ध जानकारी से डिवाइस की वारंटी और सर्विस कवरेज की स्थिति देखी जा सकती है।
अगर वेबसाइट पर फोन की जानकारी नहीं मिलती या दिखाई गई जानकारी आपके डिवाइस से मेल नहीं खाती, तो Apple सपोर्ट से संपर्क करके जांच कराएं। ध्यान रखें कि नकली फोन पर भी किसी असली डिवाइस का सीरियल नंबर कॉपी किया जा सकता है। इसलिए केवल इस जांच के आधार पर फोन को असली घोषित नहीं करना चाहिए।
2. IMEI नंबर और बॉक्स की जानकारी मिलाएं
हर मोबाइल डिवाइस की पहचान के लिए IMEI नंबर का इस्तेमाल किया जाता है। iPhone में यह नंबर Settings के General और About सेक्शन में मिलता है। इसे फोन के बॉक्स पर छपे IMEI नंबर और खरीद के बिल पर उपलब्ध जानकारी से मिलाएं।
अगर बॉक्स और फोन की जानकारी में अंतर मिलता है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसे मामले में विक्रेता और Apple सपोर्ट से संपर्क कर स्थिति स्पष्ट कराएं। डुअल-सिम वाले कुछ मॉडलों में एक से ज्यादा IMEI नंबर हो सकते हैं, इसलिए अपने मॉडल की जानकारी भी ध्यान में रखें।
यह भी समझना जरूरी है कि IMEI नंबर का मेल खाना अपने आप में असली होने की गारंटी नहीं है। यदि किसी नकली डिवाइस पर किसी दूसरे फोन का नंबर इस्तेमाल किया गया हो, तो सिर्फ IMEI जांच से उसकी असलियत साबित नहीं होगी।
3. iPhone के सॉफ्टवेयर और फीचर्स की जांच करें
फोन चालू करने के बाद देखें कि उसमें iOS का इंटरफेस और Apple की सामान्य सेटिंग्स मौजूद हैं या नहीं। सेटिंग्स में जाकर General, Software Update और About जैसे विकल्प जांचें। App Store खोलकर देखें कि वह सामान्य रूप से काम कर रहा है या नहीं।
यदि फोन का इंटरफेस अलग दिखाई देता है, उसमें अनजान ऐप स्टोर खुलता है या सामान्य iPhone फीचर्स काम नहीं करते, तो सावधानी बरतें। कुछ नकली डिवाइस देखने में iPhone जैसे होते हैं, लेकिन उनका सॉफ्टवेयर अलग हो सकता है। सिर्फ बाहरी डिजाइन देखकर फैसला न करें। बेहतर होगा कि फोन की पहचान Apple सपोर्ट से भी सत्यापित कराई जाए।
4. वारंटी और पार्ट्स की जानकारी देखें
सेकंड हैंड या पहले से इस्तेमाल किए गए iPhone को नया बताकर बेचने की आशंका हो, तो उसकी वारंटी और पार्ट्स की स्थिति भी जांचनी चाहिए। फोन की Settings में General और About सेक्शन खोलें। समर्थित मॉडल और iOS संस्करण में यहां Parts and Service History का विकल्प दिखाई दे सकता है। इस सेक्शन में कुछ बदले गए पार्ट्स के बारे में जानकारी मिल सकती है। उदाहरण के लिए, किसी पार्ट के सामने Genuine Apple Part या Unknown लिखा हो सकता है। Apple के मुताबिक, Unknown का मतलब यह हो सकता है कि पार्ट गैर-असली है, पहले किसी दूसरे iPhone में इस्तेमाल हुआ है, सही तरह इंस्टॉल नहीं हुआ है या अपेक्षा के मुताबिक काम नहीं कर रहा है।
यह जांच खासतौर पर तब उपयोगी है जब ग्राहक ने पुराने या रीफर्बिश्ड फोन को नया समझकर खरीदा हो। हालांकि, हर मॉडल में पार्ट्स की पूरी जानकारी उपलब्ध होना जरूरी नहीं है।
5. विक्रेता, बिल और रिटर्न पॉलिसी जरूर जांचें
Flipkart या Amazon से iPhone खरीदने से पहले प्रोडक्ट बेचने वाले विक्रेता का नाम, फोन का मॉडल, स्टोरेज, वारंटी और रिटर्न संबंधी शर्तें पढ़ें। केवल बड़ी छूट या ब्रांड की तस्वीर देखकर ऑर्डर न करें। ऑर्डर मिलने पर बिल सुरक्षित रखें और पैकेजिंग, फोन तथा जरूरी एक्सेसरीज की स्थिति जांचें।
Apple भी ऑनलाइन खरीदे गए इस्तेमाल किए गए iPhone के लिए भरोसेमंद विक्रेता चुनने और रिटर्न पॉलिसी समझने की सलाह देता है। अगर फोन पर Activation Lock लगा हो और स्क्रीन पर “iPhone Locked to Owner” दिखाई दे, तो Apple के अनुसार ऐसे फोन को नहीं खरीदना चाहिए; ऑनलाइन खरीदने पर उसे वापस करना चाहिए।
अगर फोन नकली, गलत मॉडल या विवरण से अलग निकलता है, तो तुरंत संबंधित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज करें। बिल, ऑर्डर की जानकारी और अनबॉक्सिंग के दौरान बनाए गए वीडियो या तस्वीरें संभालकर रखें। जरूरत पड़ने पर Apple सपोर्ट से भी संपर्क करें। Apple भारत में नकली उत्पादों की शिकायत के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर विकल्प उपलब्ध कराता है।
कुल मिलाकर, सेल में iPhone खरीदने के बाद सीरियल नंबर, IMEI, सॉफ्टवेयर, वारंटी और पार्ट्स की जानकारी की जांच करना समझदारी है। किसी एक जांच पर भरोसा करने के बजाय कई संकेतों को मिलाकर देखें और संदेह होने पर आधिकारिक सपोर्ट की मदद लें।
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