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E-20 Petrol विवाद पर इंश्योरेंस कंपनी की सफाई

Saba Naaz
15 Jun 2026 4:47 PM IST
E-20 Petrol विवाद पर इंश्योरेंस कंपनी की सफाई
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Business:भारत में E20 पेट्रोल (80% पेट्रोल और 20% इथेनॉल मिश्रण) को तेजी से स्टैंडर्ड ईंधन के रूप में अपनाया जा रहा है। इस बदलाव का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ गतिशीलता को बढ़ावा देना है। अप्रैल 2023 के बाद बनी BS6 फेज-2 वाहनों के लिए यह ईंधन पूरी तरह अनुकूल है, लेकिन पुरानी गाड़ियों के मालिकों में इंजन डैमेज और इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने को लेकर चिंता बढ़ गई थी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर यह दावा तेजी से फैला कि पुरानी और E20-अनुकूल नहीं गाड़ियों में इस ईंधन के उपयोग से होने वाले नुकसान को बीमा कंपनियां “लापरवाही” मानकर क्लेम खारिज कर सकती हैं। मामला बढ़ने के बाद ICICI लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी ने साफ कहा है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी की वैधता पर कोई असर नहीं पड़ता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि E20 ईंधन का उपयोग किसी भी स्थिति में “लापरवाही” नहीं माना जाएगा। कंपनी के अनुसार, इंश्योरेंस क्लेम केवल दुर्घटना, चोरी या थर्ड-पार्टी लायबिलिटी जैसी बीमित घटनाओं पर निर्भर करता है, न कि इस पर कि वाहन में कौन सा ईंधन इस्तेमाल हुआ है।

ICICI लोम्बार्ड ने कहा कि यदि किसी दुर्घटना के तहत क्लेम मान्य है, तो वह E20 ईंधन के उपयोग के बावजूद भी पूरी तरह मान्य रहेगा। कंपनी ने सरकार की इस पहल को पर्यावरण के लिए सकारात्मक कदम बताया है। विशेषज्ञों के अनुसार, पुरानी गाड़ियों में E20 ईंधन से कुछ तकनीकी जोखिम हो सकते हैं। इथेनॉल की संक्षारक प्रकृति के कारण रबर सील्स, फ्यूल लाइन्स और इंजन के कुछ हिस्सों पर लंबे समय में असर पड़ सकता है। यह नुकसान तुरंत दिखाई नहीं देता, बल्कि धीरे-धीरे होता है वहीं, E20 अनुकूल नई गाड़ियों में मजबूत फ्यूल सिस्टम, बेहतर गैस्केट्स और मॉडिफाइड इंजन तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे यह ईंधन सुरक्षित रहता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पुरानी गाड़ियों के मालिक वाहन निर्माता से संपर्क कर E20 अनुकूलता की पुष्टि जरूर करें।

इस तरह, कंपनी की सफाई के बाद पुरानी गाड़ियों के मालिकों को इंश्योरेंस क्लेम को लेकर बड़ी राहत मिली है।

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