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आभूषण निर्यात में नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी जानिए कितने साल में पूरा होगा लक्ष्य
नई दिल्ली: भारत का जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर आने वाले वर्षों में बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है। सरकार ने आभूषण निर्यात को बढ़ाकर 100 अरब डॉलर यानी करीब 9.55 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। यह लक्ष्य साल 2040 तक हासिल करने की योजना बनाई गई है।
वर्तमान में भारत का रत्न एवं आभूषण निर्यात करीब 28 अरब डॉलर के स्तर पर है। सरकार का लक्ष्य अगले करीब 14 वर्षों में इसे तीन गुना से ज्यादा बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक पहुंचाना है। इसके लिए डिजाइन, ब्रांडिंग, तकनीक और वैल्यू एडिशन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
वाणिज्य मंत्रालय की ओर से तैयार किए गए 2040 रोडमैप में बताया गया है कि भारत को केवल कच्चे माल के प्रसंस्करण तक सीमित नहीं रहना होगा, बल्कि डिजाइन आधारित और ब्रांडेड ज्वैलरी के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बनानी होगी।
भारत पहले से ही दुनिया के बड़े ज्वैलरी बाजारों में शामिल है। देश में कुशल कारीगरों की बड़ी संख्या, पारंपरिक कला और सोने-हीरे के आभूषण बनाने की विशेषज्ञता इसकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। अब सरकार इसी क्षमता को वैश्विक ब्रांड में बदलने की तैयारी कर रही है।
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), 3D प्रिंटिंग जैसी नई तकनीकों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे डिजाइन तैयार करने, उत्पादन बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों की पसंद के अनुसार नए उत्पाद बनाने में मदद मिलेगी।
जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर में रोजगार बढ़ाने की भी बड़ी योजना है। रोडमैप के अनुसार, इस क्षेत्र में रोजगार को बढ़ाकर करीब 1 करोड़ लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही भारत की वैश्विक बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि भारत को कम मार्जिन वाले मैन्युफैक्चरिंग मॉडल से आगे बढ़कर हाई वैल्यू डिजाइन और ब्रांडेड ज्वैलरी के क्षेत्र में जाना होगा। इससे निर्यात से होने वाली कमाई में बड़ा इजाफा हो सकता है।
उद्योग जगत का कहना है कि नए व्यापार समझौते, MSME को समर्थन और बेहतर नीतियों से ज्वैलरी सेक्टर को मजबूती मिल सकती है। हालांकि 100 अरब डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय ब्रांड की पहचान बढ़ाना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
अगर भारत यह लक्ष्य हासिल कर लेता है तो जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देने वाला क्षेत्र बन सकता है। इससे निर्यात बढ़ने के साथ लाखों लोगों के लिए रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
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