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Mumbai मुंबई, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि भारत का भविष्य विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बजाय घरेलू निवेशकों द्वारा तय किया जाएगा। उन्होंने उद्योग जगत से छोटे निवेशकों की सुरक्षा करने और बाजार में उतार-चढ़ाव को कम करने का आग्रह किया।
गोयल ने कहा कि म्यूचुअल फंड उद्योग में प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां (एयूएम) करीब 70 लाख करोड़ रुपये हैं और जल्द ही यह 100 लाख करोड़ रुपये हो जाएगी। यह बाजार पर हावी रहेगी और घरेलू निवेशक भारत का भविष्य तय करेंगे, एफआईआई नहीं। गोयल ने यहां एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) शिखर सम्मेलन 2025 में अपने संबोधन के दौरान कहा कि म्यूचुअल फंड उद्योग ने वित्तीय साक्षरता को प्रोत्साहित करके और उद्योग तथा निवेशकों तक नवीन वित्तीय विचारों को पहुंचाकर भारत की विकास गाथा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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