
Business बिजनेस: मिनिस्ट्री ऑफ़ स्टैटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन (MoSPI) ने शुक्रवार को अपने दूसरे एडवांस्ड एस्टिमेट के माध्यम से FY26 के लिए भारत की अर्थव्यवस्था के विकास का अनुमान जारी किया। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में देश का ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) 7.7 प्रतिशत की वृद्धि दर से बढ़ने का अनुमान है, जो पिछले वित्तीय वर्ष FY25 में दर्ज 7.1 प्रतिशत की ग्रोथ रेट से उच्चतर है।
MoSPI के अनुसार, FY26 में अर्थव्यवस्था के विकास की यह दर मुख्य रूप से निवेश और घरेलू मांग में बढ़ोतरी से प्रभावित होने की उम्मीद है। रिपोर्ट में बताया गया है कि नॉमिनल टर्म्स में, यानी महंगाई और कीमतों में बदलाव को ध्यान में न रखते हुए, FY25 के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था में 8.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।
वास्तविक अर्थ में, या कॉन्स्टेंट प्राइस पर, FY26 में भारत का GDP लगभग 323.12 लाख करोड़ रुपये के लेवल तक पहुंचने का अनुमान है। यह संकेत देता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की आकार में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है और देश की आर्थिक गतिविधियों में सकारात्मक रुझान कायम है।
MoSPI ने प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो के माध्यम से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि FY26 में GDP ग्रोथ रेट में बढ़ोतरी का मुख्य कारण कृषि, निर्माण, और सेवाक्षेत्र में सुधार की संभावना है। इसके अलावा, घरेलू उपभोग में बढ़ोतरी और निवेश में वृद्धि को भी इस ग्रोथ में योगदान देने वाले महत्वपूर्ण कारक माना गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, FY26 में अनुमानित 7.7 प्रतिशत की ग्रोथ रेट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए स्थिर और सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि यह दर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद देश की मजबूत आंतरिक मांग और निवेश प्रवाह का प्रमाण है।
साथ ही, नॉमिनल GDP में बढ़ोतरी, जो 8.9 प्रतिशत अनुमानित है, यह दर्शाती है कि कीमतों और महंगाई को ध्यान में रखते हुए अर्थव्यवस्था की वास्तविक विकास दर मजबूत बनी हुई है। MoSPI ने कहा कि यह डेटा नीति निर्माताओं और निवेशकों के लिए उपयोगी साबित होगा, जिससे आर्थिक योजना और बजट निर्धारण में मार्गदर्शन मिलेगा।
सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में आर्थिक सुधारों और निवेश बढ़ाने के लिए कई पहलें की हैं, जिनमें डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करना, और रोजगार सृजन के लिए विभिन्न कार्यक्रम शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन उपायों का FY26 में अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर दिख सकता है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि FY26 में GDP में वृद्धि के साथ ही भारत की आर्थिक संरचना में सुधार और निवेश आकर्षित करने की क्षमता और मजबूत होगी। इस अनुमानित विकास दर से देश की वैश्विक आर्थिक प्रतिस्पर्धा में मजबूती आने की उम्मीद है।





