व्यापार

India का रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, 2025-26 में 1.78 लाख करोड़ का आंकड़ा

Kavita2
17 Jun 2026 10:39 AM IST
India का रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, 2025-26 में 1.78 लाख करोड़ का आंकड़ा
x

New Delhi नई दिल्ली : नई दिल्ली में बुधवार को रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का वार्षिक रक्षा उत्पादन अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। मंत्रालय के अनुसार देश का कुल रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया है, जो भारत के रक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 1.54 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 15.6 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। इसके साथ ही वर्ष 2020-21 की तुलना में यह उत्पादन लगभग 110 प्रतिशत बढ़ा है, जब देश का रक्षा उत्पादन 84,643 करोड़ रुपये था।

इस तेज वृद्धि को भारत की रक्षा विनिर्माण क्षमता में हुए व्यापक सुधार और आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए गए कदमों का परिणाम माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में देश ने रक्षा उपकरणों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई नीतिगत बदलाव किए हैं, जिसका असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हाल के वर्षों में भारत के रक्षा उत्पादन में जो “शानदार बढ़ोतरी” देखी गई है, वह रक्षा उत्पादन विभाग और सभी संबंधित पक्षों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है और यह आंकड़ा उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मंत्रालय के अनुसार, रक्षा उत्पादन में वृद्धि का प्रमुख कारण घरेलू उद्योगों की बढ़ती भागीदारी, निजी क्षेत्र की सक्रियता और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत किए गए प्रयास हैं। इसके अलावा रक्षा उपकरणों के निर्यात में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे देश की रक्षा अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा उत्पादन में यह तेजी भारत की रणनीतिक क्षमता को मजबूत करती है और वैश्विक स्तर पर देश की स्थिति को भी बेहतर बनाती है। इससे न केवल रक्षा जरूरतें पूरी हो रही हैं, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।

सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में रक्षा उत्पादन को और बढ़ाकर आयात पर निर्भरता को और कम करना है। इसके लिए सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में निवेश और तकनीकी विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है।

कुल मिलाकर, 1.78 लाख करोड़ रुपये का यह रिकॉर्ड रक्षा उत्पादन भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।

Next Story