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भारत का रूस से कच्चे तेल आयात बढ़ा, मई में 21% उछाल, चीन के बाद दूसरा बड़ा खरीदार बना

Kavita2
14 Jun 2026 12:31 PM IST
भारत का रूस से कच्चे तेल आयात बढ़ा, मई में 21% उछाल, चीन के बाद दूसरा बड़ा खरीदार बना
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Business बिजनेस: सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, मई महीने में भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल के आयात में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय रिफाइनरियों ने रूस से मिलने वाले सस्ते कच्चे तेल की खरीद बढ़ा दी, जिससे कुल आयात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने मई में अनुमानित 5.8 अरब यूरो (करीब 6.7 अरब अमेरिकी डॉलर) मूल्य के रूसी जीवाश्म ईंधन का आयात किया। इस आंकड़े के साथ भारत, चीन के बाद रूस की ऊर्जा का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बना रहा।

आयात के आंकड़ों में कच्चे तेल का हिस्सा सबसे अधिक रहा, जो रूस से कुल आयात का लगभग 83 प्रतिशत है। इसका मूल्य करीब 4.8 अरब यूरो बताया गया है। इसके अलावा तेल उत्पादों का आयात 550 मिलियन यूरो और कोयले का आयात 429 मिलियन यूरो दर्ज किया गया।

CREA की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अप्रैल की तुलना में मई में भारत के कुल कच्चे तेल आयात की मात्रा में 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण रूस से कच्चे तेल के आयात में 21 प्रतिशत की तेज़ वृद्धि को माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अस्थिरता और रूस से मिलने वाली अपेक्षाकृत कम कीमतों के कारण भारतीय रिफाइनरियों ने वहां से आयात को प्राथमिकता दी है। इससे भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली है और आयात लागत को नियंत्रित रखने में भी सहूलियत मिली है।

रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि रूस से ऊर्जा आयात में यह रुझान आने वाले महीनों में वैश्विक तेल बाजार की स्थितियों और कीमतों पर निर्भर करेगा। भारत की रिफाइनरियां फिलहाल लागत और आपूर्ति स्थिरता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्रोतों से कच्चे तेल की खरीद कर रही हैं।

कुल मिलाकर, CREA की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि भारत ने रूस से कच्चे तेल के आयात में उल्लेखनीय वृद्धि की है और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को और मजबूत किया है।

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