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New Delhi नई दिल्ली, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) रणनीति प्रौद्योगिकी तक पहुँच को लोकतांत्रिक बनाने और व्यापक आर्थिक एवं रोज़गार के अवसर पैदा करने के लिए बनाई गई है।
वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप यह रणनीति देश के तेज़ी से बढ़ते प्रौद्योगिकी क्षेत्र पर आधारित है। 280 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के वार्षिक राजस्व और 60 लाख से ज़्यादा लोगों को रोज़गार देने के अनुमान के साथ, भारत में 1,800 से ज़्यादा वैश्विक क्षमता केंद्र हैं—जिनमें से 500 एआई पर केंद्रित हैं। उन्होंने राज्यसभा को बताया कि स्टार्टअप इकोसिस्टम भी तेज़ी से फल-फूल रहा है, पिछले साल के 89 प्रतिशत नए स्टार्टअप एआई द्वारा संचालित थे। भारत अब एआई क्षमताओं के मामले में शीर्ष देशों में शुमार है और GitHub पर एआई परियोजनाओं में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता है।
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