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भू-राजनीतिक राहत और कच्चे तेल में गिरावट से भारतीय शेयर बाजार में तेजी की उम्मीद

Kavita2
22 Jun 2026 10:59 AM IST
भू-राजनीतिक राहत और कच्चे तेल में गिरावट से भारतीय शेयर बाजार में तेजी की उम्मीद
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Business बिजनेस: इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुख बने रहने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार भू-राजनीतिक तनाव में कमी, वैश्विक बाजारों में सुधार और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट ने निवेशकों की धारणा को मजबूत किया है, जिससे बाजार में तेजी का माहौल बन सकता है।

NSE इंडिया और BSE इंडिया से जुड़े विश्लेषकों का मानना ​​है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाल के घटनाक्रमों का सीधा असर भारतीय इक्विटी बाजार पर दिखाई देगा। पिछले कुछ हफ्तों से नतीजों के बाद अब निवेशकों में भरोसा लौटता दिख रहा है।

वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा सकारात्मक घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए समझौते को माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर होने के बाद अमेरिका ने ईरान पर लगी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने का फैसला किया है। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों में स्थिरता आने की उम्मीद बढ़ी है।

इस समझौते के तहत ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़’ को चरणबद्ध तरीके से फिर से खोलने की योजना पर काम किया जा रहा है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से की कच्चे तेल की आपूर्ति इसी मार्ग से होकर गुजरती है।

होर्मुज जलडमरूमध्य के आंशिक रूप से अलगाव और वहां तनाव कम होने की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के बाजार में गिरावट दर्ज की गई है। तेल की श्रृंखला में भारी कमी से भारत को राहत मिलने की उम्मीद है, जिससे तेल के स्तर पर भी नियंत्रण में मदद मिल सकती है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सीधा फायदा भारतीय अर्थव्यवस्था को मिलता है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। तेल सस्ता होने से कंपनियों की लागत घटती है, जिससे कॉरपोरेट मुनाफे में सुधार की संभावना बनती है।

इसके साथ ही वैश्विक बाजारों में भी सकारात्मक संकेत देखे जा रहे हैं। निवेशकों का रुझान जोखिम भरी संपत्तियों की ओर बढ़ा है, जिससे उभरते बाजारों, खासकर भारत जैसे देशों में पूंजी प्रवाह बढ़ने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि भू-राजनीतिक स्थिरता इसी तरह बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार में लगातार मजबूती देखी जा सकती है। हालांकि, वे यह भी मानते हैं कि किसी भी अप्रत्याशित वैश्विक घटनाक्रम का असर बाजार की दिशा पर पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, मौजूदा परिस्थितियां भारतीय बाजार के लिए अनुकूल मानी जा रही हैं। भू-राजनीतिक तनाव में कमी, तेल कीमतों में गिरावट और वैश्विक निवेश भावना में सुधार ने मिलकर एक सकारात्मक माहौल तैयार किया है, जिससे इस सप्ताह बाजार में तेजी की उम्मीद मजबूत हुई है।

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