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वरिष्ठ नागरिकों को भारतीय रेलवे देती है ये सुविधाएं

Khushboo Dhruw
22 Aug 2023 6:13 PM GMT
वरिष्ठ नागरिकों को भारतीय रेलवे देती है ये सुविधाएं
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विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस 21 अगस्त को पूरे विश्व में मनाया जाता है। भारत में वरिष्ठ नागरिकों यानी बुजुर्गों को घर की छत कहा जाता है। समाज के साथ-साथ सरकार भी इनका ख्याल रखती है. रेलवे भी इसमें पीछे नहीं है. अब जानिए भारतीय रेलवे वरिष्ठ नागरिकों को क्या-क्या सुविधाएं देता है।
रेलवे के नियमों के मुताबिक 60 साल के पुरुष और 58 साल की महिला को वरिष्ठ नागरिक माना जाता है. पहले रेलवे इन्हें हर क्लास के किराए में रियायत देता था. यह छूट दुरंतो, शताब्दी, राजधानी जैसी ट्रेनों में भी उपलब्ध थी। यह रियायत महिला नागरिकों के लिए 50% और पुरुष नागरिकों के लिए 40% थी। हालांकि, कोरोना महामारी के दौरान सरकार ने यह छूट बंद कर दी थी. वरिष्ठ नागरिकों को दोबारा छूट कब मिलेगी, इसके बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
भारतीय रेलवे में दो तरह के कोच होते हैं. पहला आरक्षित और दूसरा गैर-आरक्षित। जब भी कोई वरिष्ठ नागरिक रेलवे में टिकट बुकिंग कराता है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर निचली बर्थ दी जाती है। इतना ही नहीं अगर किसी महिला की उम्र 45 साल से ज्यादा है तो रेलवे का कंप्यूटर सिस्टम उसे अपने आप लोअर बर्थ दे देता है. लेकिन यह प्राथमिकता उपलब्धता के आधार पर ही दी जाती है.
वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीटें आरक्षित हैं
रेलवे की जिन ट्रेनों में कोच आरक्षित होते हैं उनमें कुछ सीटें यानी बर्थ वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित रखी जाती हैं। प्रत्येक स्लीपर कोच में वरिष्ठ नागरिकों के लिए लगभग 6 निचली बर्थ आरक्षित हैं। 45 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं और गर्भवती महिलाओं को भी इन्हीं सीटों पर बैठाया जाता है। सामान्य मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना में राजधानी, दुरंतो और फुल एसी ट्रेनों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अधिक सीटें हैं।
इसके अलावा मुंबई लोकल ट्रेनों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी कुछ सीटें रखी जाती हैं। इसमें वरिष्ठ महिला नागरिकों को भी स्थान दिया गया है। सुविधाओं की बात करें तो प्रमुख स्टेशनों पर वरिष्ठ नागरिकों को व्हील चेयर दी जाती है।
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