
नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट के बावजूद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार प्रदर्शन किया। आईटी और बैंकिंग शेयरों में जबरदस्त खरीदारी तथा कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों की उम्मीद से घरेलू बाजार में तेजी देखने को मिली। कारोबारी सत्र के दौरान निफ्टी 24,300 के पार पहुंच गया, जबकि सेंसेक्स भी 78,200 के स्तर के करीब पहुंच गया।
शुक्रवार 17 जुलाई को निफ्टी फिफ्टी 24,127.60 के स्तर पर खुला, जबकि सेंसेक्स ने 77,370.77 के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। दिनभर की खरीदारी के बीच निफ्टी 24,367.30 के उच्चतम स्तर तक पहुंचा। वहीं सेंसेक्स ने 78,282.55 का ऊपरी स्तर छुआ।
बाजार बंद होने के समय सेंसेक्स 964.58 अंक यानी 1.25 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,151.45 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 261.55 अंक यानी 1.09 प्रतिशत चढ़कर 24,334.30 के स्तर पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान लगभग 1632 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 2419 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। करीब 175 शेयरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ।
भारतीय बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह आईटी और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में आई मजबूती रही। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में करीब 2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी बैंक इंडेक्स 1.6 प्रतिशत चढ़ा। आईटी सेक्टर में भी 1.7 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।
निफ्टी के टॉप गेनर्स में टेक महिंद्रा, टीसीएस, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, कोटक महिंद्रा बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे प्रमुख शेयर शामिल रहे। टेक महिंद्रा के शेयरों में करीब 4.59 प्रतिशत की तेजी आई, जबकि टीसीएस और जियो फाइनेंशियल के शेयर भी मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए।
दूसरी ओर, हिंडाल्को, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, विप्रो, सन फार्मा और मैक्स हेल्थकेयर जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। सेक्टर के लिहाज से निफ्टी ऑटो और निफ्टी रियल्टी में करीब 1.3 प्रतिशत की तेजी रही। निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1 प्रतिशत और एफएमसीजी में 0.7 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि फार्मा सेक्टर में 1.4 प्रतिशत और मेटल इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई।
वैश्विक स्तर पर स्थिति भारतीय बाजार के विपरीत रही। सेमीकंडक्टर शेयरों में भारी बिकवाली के चलते जापान का निक्केई इंडेक्स 5 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया। ताइवान के शेयर बाजार में भी करीब 6 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। चीन के शंघाई कंपोजिट और हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स में भी 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
इसके अलावा ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ने की आशंका और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ाई। यूरोपीय बाजारों में भी टेक्नोलॉजी शेयरों में गिरावट के कारण दबाव देखा गया।
भारतीय रुपये में भी शुक्रवार को मजबूती देखने को मिली। रुपया डॉलर के मुकाबले 96.28 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 96.35 पर था।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, बाजार में बदलाव का संकेत दिखाई दे रहा है। आईटी और बैंकिंग सेक्टर की अगुवाई में बड़े शेयरों में निवेशकों की रुचि बढ़ी है। कंपनियों के तिमाही नतीजों और घरेलू मांग को लेकर सकारात्मक माहौल से बाजार को समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि घरेलू संस्थागत निवेशकों की भागीदारी से बाजार में मजबूती बनी हुई है।
हालांकि विशेषज्ञों ने निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेना जरूरी है।





