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नवाचार की दौड़ में भारत की मजबूत मौजूदगी
भारत ने वैश्विक नवाचार सूचकांक 2026 में 38वां स्थान हासिल किया है। विश्व बौद्धिक संपदा संगठन की इस रैंकिंग में स्विट्जरलैंड लगातार 16वें वर्ष दुनिया की सबसे नवाचारी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। स्वीडन दूसरे और अमेरिका तीसरे स्थान पर हैं। सूचकांक के 19वें संस्करण में कुल 139 अर्थव्यवस्थाओं के नवाचार प्रदर्शन का आकलन किया गया है।
भारत के प्रदर्शन में डिजिटल सेवाओं, सूचना प्रौद्योगिकी और उद्यम पूंजी से जुड़ी गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी यानी आईसीटी सेवाओं के निर्यात के संकेतक में भारत दुनिया में पहले स्थान पर है। यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रमुख नवाचार संबंधी ताकतों में शामिल है।
भारत अपने आय वर्ग में भी अग्रणी बना हुआ है। रिपोर्ट में निम्न मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्थाओं के बीच भारत को नेतृत्वकारी स्थान दिया गया है। इसके साथ ही देश उन मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, जिन्होंने वर्ष 2013 के बाद नवाचार प्रदर्शन में उल्लेखनीय प्रगति की है। इस समूह में चीन, वियतनाम, तुर्किये, फिलीपींस, मोरक्को और इंडोनेशिया भी शामिल हैं। हालांकि, इन देशों की प्रगति के रास्ते और उनकी ताकतें अलग-अलग रही हैं।
देश की अन्य मजबूतियों में घरेलू बाजार का आकार और विकसित चरण के स्टार्टअप में उद्यम पूंजी निवेश से संबंधित गतिविधियां शामिल हैं। भारत की संकेतक सूची के अनुसार, घरेलू बाजार के आकार में देश तीसरे स्थान पर है। वहीं, वैश्विक उद्यम पूंजी सौदों में हिस्सेदारी से जुड़े ‘लेट स्टेज वीसी डील काउंट’ संकेतक में भारत चौथे पायदान पर है। ये अलग-अलग संकेतकों की रैंक हैं, जबकि समग्र सूचकांक में देश का स्थान 38वां है।
ज्ञान और प्रौद्योगिकी से प्राप्त परिणामों की श्रेणी में भारत 15वें स्थान तक पहुंचा है। रिपोर्ट के मुताबिक, आगे की प्रगति के लिए शोध, तकनीक अपनाने और कंपनियों के स्तर पर नवाचार को देश के प्रमुख डिजिटल तथा स्टार्टअप क्षेत्रों से आगे फैलाना महत्वपूर्ण होगा। इससे स्पष्ट होता है कि मजबूत क्षेत्रों के साथ व्यापक अर्थव्यवस्था में नवाचार की पहुंच बढ़ाने की गुंजाइश बनी हुई है।
वैश्विक सूची में दक्षिण कोरिया चौथे और सिंगापुर पांचवें स्थान पर हैं। इनके बाद ब्रिटेन छठे, नीदरलैंड सातवें, फिनलैंड आठवें और डेनमार्क नौवें पायदान पर हैं। चीन दसवें स्थान के साथ शीर्ष दस अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। इस तरह शुरुआती स्थानों पर यूरोप, उत्तरी अमेरिका और एशिया की अर्थव्यवस्थाओं की मौजूदगी है।
इस वर्ष की रिपोर्ट वैज्ञानिक खोजों पर आधारित उद्यमिता पर भी ध्यान केंद्रित करती है। इसमें बताया गया है कि बुनियादी वैज्ञानिक शोध से निकली खोजों को बड़े स्तर पर उपयोगी उद्योगों में बदलने के लिए बौद्धिक संपदा की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। वैश्विक नवाचार सूचकांक का उपयोग देश अपने प्रदर्शन की तुलना करने और नवाचार को मजबूत बनाने की रणनीति तैयार करने के लिए करते हैं।
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