India को वैश्विक बाजारों में घटती ऊर्जा कीमतों से बड़ी राहत मिलने की संभावना

New Delhi नई दिल्ली: भारत को वैश्विक बाजारों में घटती ऊर्जा कीमतों से बड़ी राहत मिलने की संभावना है। रेटिंग एजेंसी ICRA के अनुसार, अगर कच्चे तेल और एलएनजी (LNG) की अंतरराष्ट्रीय दरें मौजूदा स्तर पर बनी रहती हैं, तो देश को आयात बिल में लगभग ₹1.8 लाख करोड़ तक की बचत हो सकती है।
भारत अपनी 85% से अधिक कच्चे तेल की ज़रूरतें आयात से पूरी करता है। वित्त वर्ष 2024-25 में देश ने कच्चे तेल पर $242.4 अरब और एलएनजी पर $15.2 अरब खर्च किए। हाल में कच्चे तेल की कीमतें $60 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई थीं, जो चार साल का न्यूनतम स्तर है। हालांकि, मांग में हल्की बढ़ोतरी से कीमतें थोड़ा सुधर कर $62.4 तक पहुंची हैं।
ICRA का अनुमान है कि 2025-26 में कच्चे तेल की औसत कीमतें $60-70 प्रति बैरल के बीच रह सकती हैं। इससे ईंधन कंपनियों की मुनाफाखोरी बनी रहेगी और एलपीजी सब्सिडी का बोझ घटेगा। हालांकि, रिफाइनरियों को स्टॉक घाटे और एक्साइज ड्यूटी बढ़ने की आशंका बनी रहेगी।





