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रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद अब जाकर मिला भारत को सबसे सस्ता कच्चा तेल

Harrison
8 Aug 2023 12:46 PM GMT
रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद अब जाकर मिला भारत को सबसे सस्ता कच्चा तेल
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नई दिल्ली | रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू हुए करीब डेढ़ साल बीत चुका है. इस बीच अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के विरोध के बावजूद भारत रूस से लगातार डिस्काउंट रेट पर कच्चा तेल खरीद रहा है. लेकिन एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि भले ही भारत ने रूस से डिस्काउंट पर कच्चा तेल खरीदा है, लेकिन जून के महीने में उसे सबसे सस्ता रूसी तेल मिला है।
भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने इस संबंध में आंकड़े जारी किये हैं. सरकारी आंकड़े चौंकाने वाले हैं क्योंकि रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण पश्चिमी देशों ने रूसी कच्चे तेल पर 60 डॉलर प्रति बैरल की कीमत सीमा लगा दी थी। इसमें शिपिंग यानी मालभाड़ा शामिल नहीं था. जबकि भारत ने एक साल तक इससे ज्यादा कीमत पर कच्चा तेल खरीदा है.
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, एक साल पहले भारत को रूस से औसतन 100.48 डॉलर प्रति बैरल पर कच्चा तेल मिल रहा था. इस साल मई में इसकी औसत कीमत 70.17 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई. अब जून में यह न्यूनतम कीमत 68.17 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है. इसमें माल ढुलाई की लागत भी शामिल है.भारत ने जून में इराक से 67.10 डॉलर प्रति बैरल और सऊदी अरब से 81.78 डॉलर प्रति बैरल पर कच्चा तेल खरीदा है। भारत अपनी जरूरत का 88 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है।
रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत दुनिया में रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया है. भारत के साथ चीन का भी नंबर आता है. आंकड़े जुटाने वाली कंपनी केपलर के मुताबिक, पिछले दो महीनों में भारत का रूसी तेल आयात कम हुआ है। अगस्त माह में इसमें और कमी आने की संभावना है। इसकी वजह ये है कि ओपेक+ देशों ने तेल का निर्यात कम करने की बात कही है. ऐसे में दक्षिण एशियाई देशों को कच्चे तेल की आपूर्ति अक्टूबर तक ही सुचारू हो पाएगी।
रूस से कच्चे तेल की औसत कीमत जून में कम हो सकती है। लेकिन शुक्रवार को भारत के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि भारत को रूसी तेल पर मिलने वाली छूट कम हो गई है. वहीं, सऊदी अरब और रूस द्वारा बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति कम करने पर सहमति के बाद हाल के हफ्तों में कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ी हैं।
ऐसे में भारत के अंदर पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें कम होने की संभावना कम है. हालांकि देश में इस साल और अगले साल कई राज्यों में लोकसभा चुनाव हैं, ऐसे में देखना होगा कि सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर कोई बड़ा फैसला लेती है या नहीं. अभी देश में इनकी कीमत 90 रुपये से 110 रुपये प्रति लीटर के बीच है.
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