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भारत ने कनाडा और ब्रिटेन को पछाड़ा, इस मामले में निकला आगे

jantaserishta.com
11 March 2022 7:40 AM GMT
भारत ने कनाडा और ब्रिटेन को पछाड़ा, इस मामले में निकला आगे
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नई दिल्ली: बीते कुछ महीनों से बिकवाली (Sell Off) की चपेट में आने के बाद भी भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) का परफॉर्मेंस ज्यादातर अन्य मार्केट की तुलना में बेहतर रहा है. इसके चलते भारतीय शेयर बाजार की ग्लोबल रैंकिंग में सुधार देखने को मिला है. बाजार के अच्छे परफॉर्मेंस ने एमकैप (MCap) को बढ़ाने में मदद की है और इस लिहाज से अब भारत टॉप6 में शामिल हो गया है. ब्रिटेन (UK) और कनाडा (Canada) जैसे मार्केट अब भारत से पीछे छूट चुके हैं.

ब्लूमबर्ग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार अब 3.17 ट्रिलियन डॉलर के एमकैप के साथ छठे स्थान पर पहुंच गया है. भारत ने कनाडा और ब्रिटेन को पीछे छोड़ने में कामयाबी हासिल की है, जिनका एमकैप क्रमश: 3.13 ट्रिलियन डॉलर और 3.11 ट्रिलियन डॉलर है. बिकवाली का ताजा दौर शुरू होने के बाद लगभग सभी बाजारों को एमकैप के मामले में नुकसान उठाना पड़ा है. भारत की बात करें तो 01 फरवरी से अब तक एमकैप में 357.05 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है. दूसरी ओर ब्रिटिश मार्केट को इस दौरान 410 बिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है.
एमकैप के लिहाज से अमेरिका अभी भी पहले पायदान पर बना हुआ है. अमेरिकन मार्केट का एमकैप (US Market MCap) अभी 46.01 ट्रिलियन डॉलर है. इसके बाद 11.31 ट्रिलियन डॉलर एमकैप के साथ चीन दूसरे और 5.78 ट्रिलियन डॉलर के एमकैप के साथ जापान तीसरे स्थान पर है. हांगकांग और सऊदी अरब के शेयर बाजार भी अभी भारत से आगे हैं. चौथे सबसे बड़े बाजार हांगकांग का एमकैप अभी 5.50 ट्रिलियन डॉलर है, जबकि सऊदी अरब 3.25 ट्रिलियन डॉलर के साथ पांचवें स्थान पर है.
सऊदी अरब अकेला मेजर मार्केट है, जिसे नुकसान के बजाय फायदा हुआ है. पिछले एक महीने के दौरान क्रूड ऑयल के भाव में आई रिकॉर्ड तेजी के चलते सऊदी अरब के शेयर मार्केट का एमकैप करीब 442 बिलियन डॉलर बढ़ा है. सबसे ज्यादा एमकैप वाला अमेरिकी बाजार इस दौरान नुकसान उठाने में भी सबसे आगे रहा है. अमेरिकी बाजार को 6.6 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है. इसी तरह चीन को 1.48 ट्रिलियन डॉलर, जापान को 622 बिलियन डॉलर और हांगकांग को 524 बिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है.
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